प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात 12 बजे छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रावधानों वाला नया कानून लाने की तैयारी कर रही है।
पेपर लीक पर कैबिनेट सख्त फैसला लेगी
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस संबंध में तैयार किए गए मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा और इसे जल्द पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर करीब 2 मिनट 56 सेकंड का वीडियो साझा करते हुए कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। पेपर लीक के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो, इसके लिए रिकॉर्ड समय में 22 लाख छात्रों की परीक्षा दोबारा कराई गई। उन्होंने यह भी बताया कि 19 जुलाई को परीक्षा परिणाम भी घोषित कर दिया गया।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार केवल इतनी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। इसलिए पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। संबंधित विभागों ने देर रात इसका मसौदा भेजा है, जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान शामिल है। इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को कैबिनेट में विस्तार से चर्चा की जाएगी।
राहुल गांधी ने वीडियो संदेश पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और केवल वीडियो संदेश जारी करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। राहुल गांधी ने सरकार से धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कदम उठाने और छात्रों से माफी मांगने की मांग की।
CJP ने भी शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग दोहराई
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी कहा कि पेपर लीक मामले में सबसे सख्त कार्रवाई केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना होगी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में सख्त संदेश देना चाहती है तो सबसे पहले शिक्षा मंत्री को हटाना चाहिए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की पहले भी कर चुके हैं घोषणा
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को ही पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की थी। यह पूरा विवाद 3 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा में कथित पेपर लीक के मामले से जुड़ा है, जिसके बाद देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई।
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले एक महीने से प्रदर्शन कर रही है। आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक आमरण अनशन किया, जबकि इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर भी विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।
CBI कर रही है मामले की जांच
फिलहाल पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के पास है। एजेंसी ने महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में जांच अभियान चलाया है। अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच अंतिम चरण में बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, CBI जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर सकती है।