गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अहंकार में शासन चला रही है और जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी लोगों की समस्याओं का समाधान करना होती है, लेकिन मौजूदा सरकार दबाव और अन्याय की राजनीति कर रही है।
NEET पेपर लीक को बताया सरकार की बड़ी विफलता
अखिलेश यादव ने कहा कि NEET परीक्षा दोबारा कराए जाने का फैसला इस बात का प्रमाण है कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित रखने में विफल रही। उन्होंने मांग की कि छात्रों और युवाओं की आवाज सुनी जाए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और जिन परिवारों को इससे नुकसान हुआ है, उनकी मांगों पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
पेपर लीक पर लगाए गंभीर आरोप
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे दोनों सरकारों के बीच यह प्रतिस्पर्धा चल रही हो कि किसके कार्यकाल में अधिक पेपर लीक होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के कारण युवाओं के रोजगार और आरक्षण के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया, लाठीचार्ज हुआ और कई प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार की खबरें सामने आईं। उन्होंने इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी सरकार पर हमला
एक अन्य बयान में अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को नुकसान पहुंचाना समाज और शिक्षा दोनों के हित में नहीं है। उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी को "शिक्षा का मंदिर" बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी इसे बचाने की मुहिम में पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने देशभर के लोगों से भी विश्वविद्यालय के समर्थन में आगे आने की अपील की।
"शिक्षा और रोजगार सरकार के एजेंडे में नहीं"
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार छात्र, नौजवान और शिक्षा विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में परीक्षा और रामपुर में शिक्षा को लेकर आंदोलन चल रहे हैं। उनके अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी को बचाना वहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य की रक्षा करना है और इसी उद्देश्य से समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचकर छात्रों के समर्थन में खड़ा हुआ है।