रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मानसूनी द्रोणिका और पूर्व-पश्चिम शियर जोन के प्रभाव से अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में वर्षा की गतिविधियां अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक तेज रह सकती हैं।
बीते 24 घंटे में कई इलाकों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार उप-मंडलीय स्तर पर वर्षा सामान्य रही, लेकिन अब तक प्रदेश में औसत से लगभग 17 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।इस दौरान बिलासपुर और पेंड्रारोड में अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस पेंड्रारोड में रिकॉर्ड हुआ। लगातार बारिश के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
आज कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश के अनेक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है, जबकि एक-दो इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।राजधानी रायपुर में दिनभर आसमान बादलों से ढका रहने की संभावना है। यहां बीच-बीच में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
दो सक्रिय मौसम प्रणालियों का संयुक्त प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में मानसूनी द्रोणिका राजस्थान से होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ ही पूर्व-पश्चिम शियर जोन गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजर रहा है।इन दोनों मौसम प्रणालियों के कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी प्रदेश में पहुंच रही है, जिससे बादल बनने की प्रक्रिया तेज हो गई है। यही वजह है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
अगले दो दिन तापमान स्थिर रहेगा
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि बारिश के चलते लोगों को फिलहाल उमस और गर्मी से राहत मिलती रहेगी।
बिजली गिरने को लेकर सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने कई जिलों में वज्रपात (आकाशीय बिजली) की संभावना जताते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से भी मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
लगातार बारिश और वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।