उत्तर बंगाल के एडीजी जयरामन ने मालदा जिले के कालियाचक हिंसा मामले में पुलिस कार्रवाई में हुई देरी स्वीकार की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर गुनहगार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एमआईएम नेता मोफक्करुल इस्लाम इस हिंसा के पीछे का मुख्य उकसाने वाला था और उसे पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना और कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सात न्यायाधीशों को घंटों तक घेराबंदी में रखा जाने की घटना पर चिंता जताई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने भी कड़ा संदेश भेजा। घटना के तुरंत बाद एनआईए की टीम कालियाचक पहुंची। एडीजी जयरामन ने स्वीकार किया कि पुलिस मौके पर देर से पहुंची, जिससे स्थिति और बिगड़ी। उन्होंने कहा, "हमारे पास पर्याप्त संसाधन थे, लेकिन महिलाओं और बच्चों की भीड़ के कारण बल प्रयोग संभव नहीं था।"
मोफक्करुल इस्लाम की गिरफ्तारी
एडीजी ने बताया कि बुधवार रात मोफक्करुल इस्लाम को कार की छत पर खड़े होकर भाषण देते देखा गया था, जो स्थानीय उकसाने वाला था। उसके खिलाफ कालियाचक में दर्ज तीन मामले हैं। उसे सीआईडी और सिलीगुड़ी पुलिस की मदद से बागडोगरा हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया। उसके साथ अकरमुल बागानी नामक एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया, जो संभवतः बेंगलुरु भागने की कोशिश कर रहे थे।
मामले की वर्तमान स्थिति
उत्तर बंगाल में सड़क अवरोध और हिंसा से जुड़े कुल 19 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 33 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। एडीजी ने कहा कि एनआईए ने जांच अपने हाथ में ले ली है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का संदेश: "हम किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हर आरोपी को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।"