वाराणसी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति में आज रात 8 बजे से तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य की शुरुआत होगी। यह भव्य मंचन भारत के गौरवशाली इतिहास और विक्रमादित्य के स्वर्णिम युग को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा।
इतिहास, संस्कृति और विक्रम संवत् का सजीव मंचन
महानाट्य का उद्देश्य सम्राट विक्रमादित्य, विक्रम संवत्सर और उस ऐतिहासिक कालखंड के अतुलनीय योगदान को जनमानस तक पहुंचाना है। शौर्य, न्याय, धर्म, साहित्य, कला, संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान से परिपूर्ण उस युग को नाट्य रूप में पुनः साकार किया जा रहा है।
देश के कई शहरों में हो चुका है सफल मंचन
इस महानाट्य का मंचन इससे पूर्व उज्जैन, भोपाल, दिल्ली, आगरा और हैदराबाद सहित देश के विभिन्न हिस्सों में किया जा चुका है, जहां इसे दर्शकों की भरपूर सराहना मिली।
175 से अधिक कलाकार, 1 घंटा 45 मिनट का विराट मंचन
करीब 1 घंटे 45 मिनट की इस प्रस्तुति को भव्य स्वरूप देने के लिए 175 से अधिक कलाकारों और सहयोगियों की टीम मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेगी। नाटक के दृश्यों को सजीव बनाने के लिए अश्व, रथ, पालकी और ऊँट जैसे जीवंत मंचीय तत्वों का भी उपयोग किया जाएगा।
तीन मंच और अत्याधुनिक ग्राफिक्स से सुसज्जित प्रस्तुति
महानाट्य के मंचन को प्रभावशाली बनाने के लिए तीन मंचों का उपयोग किया जा रहा है। अत्याधुनिक ग्राफिक्स और विशेष स्पेशल इफेक्ट्स के माध्यम से दर्शकों को ऐतिहासिक कालखंड का जीवंत अनुभव मिलेगा।
महानाट्य के साथ भव्य प्रदर्शनियां भी होंगी आकर्षण का केंद्र
महानाट्य के साथ-साथ वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, भारतीय ऋषि-वैज्ञानिक परंपरा पर आधारित ‘आर्ष भारत’, शिव पुराण, चौरासी महादेव, श्रीहनुमान और मध्य प्रदेश के पवित्र स्थलों पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जा रही हैं।
आज से लगभग 2100 वर्ष पूर्व का विक्रमादित्य काल शौर्य, न्याय और सांस्कृतिक उत्कर्ष के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि सम्राट विक्रमादित्य ने अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर सहित 300 से अधिक मंदिरों के निर्माण एवं पुनर्निर्माण का कार्य कराया था।
57 ईसा पूर्व से प्रारंभ हुआ विक्रम संवत्
विक्रम संवत् का प्रारंभ 57 ईसा पूर्व में कृतिका नक्षत्र के अंतर्गत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हुआ माना जाता है। यह कालगणना आज भी भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है।