कोलकाता में चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रियल एस्टेट डेवलपर सोना पप्पू के छह ठिकानों पर छापेमारी की। आरोप है कि फ्लैट देने के नाम पर ग्राहकों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई और धन को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया।
ED की छापेमारी अभियान
बुधवार सुबह से ED की टीम बालीगंज और कोलकाता के अन्य प्रमुख स्थानों पर सक्रिय है। सोना पप्पू के आवास के अलावा उनके करीबी सहयोगियों और संबंधित कंपनियों के कार्यालयों पर भी तलाशी ली जा रही है। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और हेराफेरी के सबूत जुटाना और अवैध रूप से जुटाए गए धन के स्रोत का पता लगाना है।
आरोप और जांच का आधार
सूत्रों के अनुसार, सोना पप्पू ने निर्माण और फ्लैट बेचने के नाम पर करोड़ों रुपये जुटाए और उनका इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ और प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाने में किया। ED ने उनके खिलाफ Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत कार्रवाई की है। साथ ही, उन पर जबरन भूमि अधिग्रहण और अवैध निर्माण में शामिल होने के आरोप भी हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और विवाद
सोना पप्पू का नाम पहले भी विवादों में रहा है। फरवरी में कोलकाता के काकुलिया रोड पर हुई हिंसक घटना में उनके शामिल होने की खबरें आई थीं। इसके अलावा, वह सत्ताधारी दल के कई नेताओं के करीबी माने जाते हैं, और उनकी तस्वीरें कई सार्वजनिक आयोजनों में सामने आई हैं।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
ED की टीम ने बालीगंज और काकुलिया रोड स्थित उनके आवास, फर्म कार्यालय, और सहयोगियों के घरों पर तलाशी ली। एजेंसी का कहना है कि यह छापेमारी जमीन कब्जा, अवैध निर्माण, जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सभी मामलों की जांच के लिए की जा रही है।