कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के धर्मतला क्षेत्र में नीट (NEET) परीक्षा धांधली के खिलाफ छात्रों और विभिन्न संगठनों के जुलूस के दौरान भड़की हिंसा के मामले में लालबाजार पुलिस ने कड़ी कार्रवाई जारी रखी है। रविवार सुबह तक पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान करते हुए 3 और उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस हिंसा कांड में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या 14 हो गई है।
कोलकाता पुलिस के मुताबिक, नए गिरफ्तार आरोपियों में कड़ेया थाना क्षेत्र का रहने वाला शहबाज खान (34 वर्ष), राजाबागान का रहने वाला शेख मोहम्मद सलमान हुसैन और दक्षिण 24 परगना के विजयगंज (भांगड़) का निवासी मोहम्मद जहीरुद्दीन माल शामिल हैं। इन सभी आरोपियों को रविवार को अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत में मांगा जाएगा।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: "तीन पीढ़ियां याद रखेंगी ऐसी सजा देंगे"
शुक्रवार को धर्मतला और दोरीना क्रॉसिंग पर हुई इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। घटना की रात ही मुख्यमंत्री घायल पत्रकारों का हाल-चाल जानने एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल पहुंचे थे।शनिवार को विधानसभा में बयान देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में हाल ही में लागू हुए 'गुंडा दमन कानून' (West Bengal Public Safety and Control of Anti-social Activities Act, 2026) के तहत आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।"मीडिया पर हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। जिन्हें हिंसा फैलाने के आरोप में पकड़ा गया है, वे छात्र नहीं बल्कि भाड़े के उपद्रवी हैं। गुंडा एक्ट के तहत उनके खिलाफ ऐसी कड़ी कार्रवाई होगी कि उनकी आने वाली तीन पीढ़ियां भी याद रखेंगी।"
सुवेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

राज्य से बाहर भागने की फिराक में थे आरोपी, हाईवे पर पुलिस ने दबोचा
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हिंसा भड़काने वाले अधिकांश आरोपी छात्र आंदोलन से जुड़े ही नहीं थे। घटना के तुरंत बाद कई आरोपी राज्य छोड़कर भागने की फिराक में थे।दुर्गापुर एक्सप्रेसवे से गिरफ्तारी: मुख्य आरोपियों में शामिल मोहम्मद आजाद और मोहम्मद अफरोज (राजाबागान निवासी) को कोलकाता पुलिस की विशेष टीम ने अंडाल के पास दुर्गापुर एक्सप्रेसवे से उस समय दबोचा, जब वे अंतरराज्यीय बस से दूसरे राज्य भाग रहे थे।
कुल 70 उपद्रवियों की पहचान: मुख्यमंत्री के अनुसार, सीसीटीवी और मीडिया फुटेज के जरिए अब तक 70 असामाजिक तत्वों की पहचान की जा चुकी है।
7 मामले दर्ज: पुलिस ने इस मामले में हेयर स्ट्रीट थाने में 6 और एंटाली थाने में 1 यानी कुल 7 अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं, जिनमें गुंडा एक्ट की धाराएं भी शामिल की गई हैं।
हिंसा के पीछे की मुख्य वजहें और पुलिस जांच की स्थिति
- घटना का स्थान धर्मतला, दोरीना क्रॉसिंग (कोलकाता)
- मुख्य आरोप पुलिसकर्मियों पर बोतलें/जूते फेंकना, पत्रकारों पर जानलेवा हमला
- कुल केस/FIR 7 (6 हेयर स्ट्रीट थाना, 1 एंटाली थाना)
- लागू विशेष कानून वेस्ट बंगाल गुंडा दमन कानून (2026)
- अब तक गिरफ्तारियां 14 आरोपी (70 से अधिक चिन्हित)
लालबाजार पुलिस का कहना है कि शहर के खिदिरपुर, राजाबागान, एकबालपुर और भांगड़ इलाकों में लगातार छापेमारी जारी है। फुटेज में दिख रहे बाकी सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।