कोलकाता: दक्षिण-पूर्व रेलवे में कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने रेलवे के एक वरिष्ठ इंजीनियर को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच के दायरे में कुछ निजी व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है। इस कार्रवाई के बाद रेलवे परियोजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है।
रिश्वत के आरोप में गिरफ्तारी
CBI का आरोप है कि दक्षिण-पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर सत्यम कुमार ने एक निजी कंपनी से परियोजना से जुड़े कार्यों में मदद करने के बदले ₹4 लाख की रिश्वत स्वीकार की। एजेंसी ने योजनाबद्ध कार्रवाई के दौरान उन्हें हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
निजी कंपनी के दो प्रतिनिधि भी जांच के घेरे में
इस मामले में निजी क्षेत्र से जुड़े दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सरकारी अधिकारी और निजी कंपनी के बीच कथित लेन-देन के संकेत मिले हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन शामिल था।
अदालत ने CBI हिरासत की दी मंजूरी
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें कुछ दिनों के लिए CBI की हिरासत में भेज दिया, ताकि एजेंसी उनसे पूछताछ कर पूरे मामले की तह तक पहुंच सके।
कई राज्यों में एक साथ छापेमारी
जांच को आगे बढ़ाते हुए CBI ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी एजेंसी
CBI अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह मामला केवल एक अधिकारी तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एजेंसी सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।