कोलकाता: राजधानी कोलकाता के बेलियाघाटा स्थित सुभाष सरोवर का हाल देखकर नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने संबंधित एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ कहा कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद यदि जनता को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।
निरीक्षण में सामने आई कई खामियां
सरोवर परिसर में जगह-जगह फैली गंदगी, शौचालयों में पानी और बिजली की कमी, लंबे समय से जर्जर पड़े सामुदायिक भवन और खराब रखरखाव जैसी कई समस्याएं मंत्री के सामने आईं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
लोगों से बात कर जाना जमीनी हाल
निरीक्षण के दौरान अग्निमित्रा पाल ने वहां नियमित रूप से आने वाले मॉर्निंग वॉकर्स और स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। लोगों ने सफाई, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी शिकायतें रखीं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
एजेंसी पर सख्त रुख, टेंडर रद्द होने के संकेत
मंत्री ने कहा कि रखरखाव की जिम्मेदारी निभाने वाली एजेंसी हर महीने लाखों रुपये प्राप्त कर रही है, लेकिन उसके अनुरूप काम दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने अधिकारियों को अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर एजेंसी का टेंडर भी रद्द किया जा सकता है।
सरोवर के कायाकल्प की तैयारी
निरीक्षण के बाद मंत्री ने बताया कि विशेषज्ञों की मदद से सुभाष सरोवर के सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना तैयार की जाएगी। साथ ही पार्क की सुरक्षा, साफ-सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।