कोलकाता: कोलकाता में दुर्गा पूजा इस बार बांग्ला सिनेमा के दिग्गज अभिनेता उत्तम कुमार की यादों के नाम भी है। उनकी जन्म शताब्दी के मौके पर शहर की कई पूजा समितियों ने अपने पंडालों को उनके जीवन और फिल्मी सफर से जोड़ते हुए खास रूप दिया है। कहीं अभिनेता के बचपन और परिवार से जुड़ी अनदेखी तस्वीरें लोगों को अतीत में ले जा रही हैं, तो कहीं उनकी फिल्मों के पोस्टर और मशहूर संवाद सिनेमा के सुनहरे दौर को फिर से जीवंत कर रहे हैं। इन आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को बंगाल के महानायक के योगदान से परिचित कराने की कोशिश की जा रही है।
भवानीपुर में बचपन की यादों के साथ महानायक को नमन
भवानीपुर महापूजा समिति ने इस साल अपने 82वें आयोजन के लिए ‘महापूजा-ए-महानायक’ की थीम चुनी है। इस पंडाल की खासियत यह है कि इसमें उत्तम कुमार के शुरुआती जीवन से जुड़ी यादों को प्रमुखता दी गई है। जिस मैदान में आज पूजा का आयोजन हो रहा है, उसी जगह अभिनेता ने अपने बचपन के दिन बिताए थे। पंडाल में उनके निजी फोटो संग्रह से चुनी गई कई दुर्लभ पारिवारिक तस्वीरें रखी गई हैं। इनमें वर्ष 1928 की एक तस्वीर भी शामिल है, जिसमें वह महज दो साल के थे। उनकी पत्नी गौरी देवी और पोती नबमिता के साथ की तस्वीरें भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं। कुछ तस्वीरें ऐसी हैं, जो इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
बालीगंज के पंडाल में पुराने सिनेमाघर का अनुभव
उत्तम कुमार के फिल्मी सफर को याद करने के लिए बालीगंज के लेक व्यू रोड स्थित समाज सेवी संघ ने अपने पंडाल को पुराने सिनेमा हॉल की शक्ल दी है। यहां पहुंचने वाले लोगों को 1960 और 1970 के दशक के सिनेमाई माहौल की झलक मिलेगी। इस दौर में उत्तम कुमार ने बांग्ला फिल्मों में अपनी खास पहचान बनाई थी। पंडाल में उनकी फिल्मों के पुराने पोस्टर, लॉबी कार्ड, लोकप्रिय गाने और चर्चित संवाद प्रदर्शित किए गए हैं। आयोजकों की कोशिश है कि युवा दर्शक भी उस दौर के सिनेमा और अभिनेता की लोकप्रियता को समझ सकें।
करुणामयी में 201 फिल्मों के पोस्टर बने आकर्षण
करुणामयी एफ ब्लॉक सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति ने महानायक के फिल्मी करियर को पोस्टरों के जरिए प्रस्तुत किया है। यहां उत्तम कुमार की 202 फिल्मों में से 201 फिल्मों के पोस्टर लगाए गए हैं। इस पूरी प्रस्तुति को तैयार करने में समिति को लगभग एक साल का समय लगा। इस पंडाल में दर्शकों को एक गलियारे से गुजरना होगा, जिसकी दीवारों पर फिल्मों के पोस्टर उनके सिनेमाई सफर के क्रम में सजाए गए हैं। इसके साथ ही भवानीपुर स्थित उनके पैतृक घर का पता भी प्रदर्शित किया गया है। इस अनूठी पहल के जरिए लोग एक ही जगह पर अभिनेता की फिल्मों और उनके लंबे करियर की झलक देख सकेंगे।
नाकतला नब पल्ली में फिल्म ‘मौचाक’ की होगी खास प्रस्तुति
नाकतला नब पल्ली की पूजा में भी उत्तम कुमार की फिल्मों को खास जगह दी गई है। पंडाल तक जाने वाले रास्ते पर उनके चित्रों और फिल्मों के दृश्यों वाले बड़े बैनर लगाए गए हैं। यहां दर्शकों के लिए उनकी लोकप्रिय फिल्म ‘मौचाक’ का मंचीय रूपांतरण प्रस्तुत करने की तैयारी है। इसके अलावा उनकी फिल्मों के चर्चित गीतों को मिलाकर एक विशेष मेडली भी पेश की जाएगी। इससे पूजा में आने वाले लोगों को महानायक के अभिनय के साथ-साथ उनके दौर के संगीत को भी याद करने का मौका मिलेगा।
पूजा के उत्सव में सिनेमा की विरासत को मिली जगह
उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी पर तैयार किए गए ये पंडाल कोलकाता की दुर्गा पूजा को एक अलग सांस्कृतिक रंग दे रहे हैं। इन आयोजनों में धार्मिक परंपराओं के साथ बंगाल के सिनेमा इतिहास और उसकी लोकप्रिय हस्तियों को भी सम्मान दिया जा रहा है। दुर्लभ तस्वीरें, पुराने फिल्मी पोस्टर, यादगार संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां महानायक की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं। इस तरह दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में मां दुर्गा की आराधना के साथ बांग्ला सिनेमा के स्वर्णिम दौर की यादें भी लोगों के बीच ताजा हो रही हैं।