कोलकाता: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में आगामी 9 से 17 अगस्त तक बड़े पैमाने पर **'हर घर तिरंगा' अभियान चलाया जाएगा।इस संबंध में राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग (Information and Cultural Affairs Department) ने एक आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किया है। यह निर्देश सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, सभी जिलाधिकारियों (DM) और कोलकाता नगर निगम के आयुक्त को भेजा गया है।
जनभागीदारी पर विशेष जोर, आयोजित होंगे कई सांस्कृतिक कार्यक्रम
निर्देशानुसार, इस अभियान को केवल सरकारी स्तर तक सीमित न रखकर जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा। इसमें सभी सरकारी कार्यालयों, पंचायतों, नगरपालिकाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), व्यापारिक संगठनों और आम जनता से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की गई है।

अभियान के तहत ये प्रमुख कार्यक्रम आयोजित होंगे:
- प्रभात फेरी व रैलियां: साइकिल और ई-बाइक रैलियों के साथ-साथ प्रभात फेरी निकाली जाएगी।
- सजावट व तिरंगा रंगोली: सरकारी भवनों और प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को तिरंगे की थीम पर सजाया जाएगा और रंगोली बनाई जाएगी।
- सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं: देशभक्ति गीत, क्विज़, निबंध व चित्रकला प्रतियोगिताएं और 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन होगा।
- इतिहास प्रदर्शनी: राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास और उसके विकास को दर्शाने वाली प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी।
- सेलफी विद तिरंगा': आम नागरिकों को अपने घरों में तिरंगा फहराने और 'सेलफी विद तिरंगा' पोर्टल पर फोटो अपलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिलों के लिए वित्तीय आवंटन और तिरंगा वितरण
अभियान के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार ने जिला स्तर पर विशेष बजट की घोषणा की है:
- प्रत्येक जिला: ₹1 लाख
- नगर निगम (Municipal Corporation): ₹1 लाख
- अनुमंडल (Sub-Division): ₹50,000
- ब्लॉक एवं नगरपालिका: ₹20,000 प्रति इकाई
इसके अलावा, कालिम्पोंग को छोड़कर राज्य के प्रत्येक जिले और कोलकाता नगर निगम को केंद्र की ओर से लगभग **1.5 लाख राष्ट्रीय ध्वज** उपलब्ध कराए जाएंगे। कालिम्पोंग जिले की भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या को देखते हुए वहां 20,000 तिरंगे वितरित किए जाएंगे।अभियान समाप्त होने के तुरंत बाद सभी विभागों और जिलों को तस्वीरों, वीडियो और भागीदारी के विवरण के साथ एक संक्षिप्त रिपोर्ट सूचना एवं संस्कृति विभाग को सौंपने का निर्देश दिया गया है।