वित्त वर्ष 2023-24 में एप्पल इंडिया का मुनाफा 2,745.71 करोड़ रुपए था, जो इस वर्ष बढ़कर 3,196 करोड़ रुपए हो गया। इसी तरह कुल राजस्व भी 67,121.61 करोड़ रुपए से बढ़कर 79,378 करोड़ रुपए हो गया। यह वृद्धि न केवल बिक्री में बल्कि कंपनी की मार्केट शेयर और उपभोक्ता मांग में भी बढ़ोतरी को दर्शाती है। एप्पल की भारतीय बाजार में मजबूत पकड़ और स्मार्टफोन के प्रीमियम सेगमेंट में निरंतर मांग इसका मुख्य कारण है।
परिचालन आय और व्यय में संतुलन
कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम भी वित्त वर्ष 2024-25 में 79,060.51 करोड़ रुपए रही, जो पिछले वर्ष 66,727.73 करोड़ रुपए से 18.48% अधिक है। इस वृद्धि ने यह दिखाया कि एप्पल ने न केवल राजस्व बढ़ाया बल्कि अपने परिचालन को और अधिक प्रभावी बनाया। वहीं व्यय भी बढ़कर 64,010.91 करोड़ रुपए हो गया, जो राजस्व वृद्धि के अनुपात में संतुलित दिखाई देता है। व्यय में वृद्धि मुख्यतः उत्पादन लागत, लॉजिस्टिक्स और मार्केटिंग निवेश से जुड़ी है।
कर्मचारियों और मानव संसाधन पर निवेश
कर्मचारी लाभ पर खर्च भी सालाना आधार पर 19.5% बढ़कर 3,107.35 करोड़ रुपए हो गया। यह दर्शाता है कि एप्पल भारत में अपने कर्मचारियों को बनाए रखने और प्रशिक्षित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि मजबूत कर्मचारी निवेश कंपनी के दीर्घकालिक विकास और भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
भारतीय बाजार में एप्पल की मजबूत स्थिति
सालाना मुनाफा और राजस्व में लगातार वृद्धि यह संकेत देती है कि एप्पल इंडिया भारतीय स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखने में सफल रही है। प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में लगातार मांग, उच्च ग्राहक विश्वास और ब्रांड वैल्यू ने कंपनी की सफलता में अहम भूमिका निभाई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में एप्पल भारत को अपने मुख्य विकास बाजारों में से एक के रूप में देखेगा।
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