अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक तस्वीर पेश करते हुए कहा है कि देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में मजबूत स्थिति में है। संस्था के अनुसार भारत वैश्विक आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन बना हुआ है और आने वाले वर्षों में भी इसकी विकास दर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज रहने की संभावना है। हालांकि आईएमएफ ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल तेज विकास दर पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि लगातार आर्थिक सुधारों और नीतिगत स्थिरता को भी बनाए रखना होगा।
आर्थिक वृद्धि दर मजबूत रहने का अनुमान
आईएमएफ के ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य (World Economic Outlook) अपडेट के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में भी मजबूती बनाए रख सकती है। संस्था का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर लगभग 6.4 प्रतिशत रह सकती है, जो उसके बाद बढ़कर 6.7 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। आईएमएफ की संचार विभाग की निदेशक जूली कोजैक ने कहा कि भारत के लिए जोखिमों का संतुलन पहले की तुलना में बेहतर हुआ है और आर्थिक गतिविधियों में निरंतर मजबूती देखने को मिल रही है।
विकसित राष्ट्र बनने के लिए किन सुधारों पर दिया जोर
आईएमएफ का कहना है कि भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधारों की गति बनाए रखनी होगी। संस्था ने कौशल विकास को मजबूत करने, श्रम बाजार को अधिक लचीला बनाने, कारोबार करने की लागत कम करने, नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने और वैश्विक व्यापार से जुड़ाव बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। आईएमएफ के अनुसार इन सुधारों से निवेश, रोजगार और उत्पादकता में वृद्धि होगी, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
संरचनात्मक सुधारों और विनिर्माण क्षेत्र की सराहना
आईएमएफ ने माना कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधार किए हैं। नए श्रम कानूनों को लागू करने, व्यापार समझौतों के विस्तार और राज्यों में नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान बनाने जैसे कदमों को संस्था ने सकारात्मक बताया। इसके साथ ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता आने से भारत को विशेष लाभ मिल रहा है। खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, जिससे भारत वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बना नई ताकत, घरेलू उद्योग को मिला बढ़ावा
आईएमएफ के अनुसार भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र तेजी से उभर रहा है और स्मार्टफोन देश के प्रमुख निर्यात उत्पादों में शामिल हो चुके हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। संस्था ने यह भी रेखांकित किया कि निर्यात आधारित विनिर्माण का बड़ा हिस्सा अब घरेलू अनुबंध विनिर्माताओं के माध्यम से हो रहा है, जिससे स्थानीय उद्योग, रोजगार और तकनीकी क्षमता को भी मजबूती मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुधारों की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर सकता है।