CM Mohan Yadav Ujjain Visit: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने कार्तिक चौक स्थित भगवान जगदीश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान जगन्नाथ और उज्जैन का संबंध हजारों वर्ष पुराना है। उन्होंने बताया कि प्राचीन मान्यताओं के अनुसार उज्जैन के राजा इंद्रसेन ने वर्तमान ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में भगवान जगन्नाथ का मंदिर बनवाया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उज्जैन की विकास योजनाओं, वर्ष 2028 के सिंहस्थ, कर्मचारियों के प्रमोशन, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और महिलाओं के कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें भी कहीं।
जगदीश मंदिर में की पूजा, बताई धार्मिक परंपरा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान जगदीश मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कहा कि उज्जैन का धार्मिक इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि परंपराओं के अनुसार उज्जैन के राजा इंद्रसेन का भगवान जगन्नाथ की परंपरा से विशेष संबंध माना जाता है और भुवनेश्वर में मंदिर निर्माण का उल्लेख भी धार्मिक मान्यताओं में मिलता है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के चार धामों में शामिल जगन्नाथ पुरी का देश की आस्था में विशेष स्थान है।
रथयात्रा में शामिल नहीं हो पाएंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले से निर्धारित नई दिल्ली प्रवास के कारण वे 16 जुलाई को उज्जैन में निकलने वाली भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल नहीं हो सकेंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए आयोजन की सफलता की कामना की।
2028 सिंहस्थ की तैयारियों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में वर्ष 2028 के सिंहस्थ महापर्व की तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और आधारभूत विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
कर्मचारियों के प्रमोशन पर भी बोले
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से लंबित कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में लगातार प्रमोशन आदेश जारी किए जा रहे हैं और सरकार कर्मचारियों के हितों के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
आंगनबाड़ी केंद्रों को बनाया जाएगा सुविधायुक्त
उज्जैन में आयोजित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र सुदृढ़ीकरण एवं संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से बेहतर आधारभूत सुविधाओं से लैस किया जा रहा है ताकि बच्चों और महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।
लाड़ली बहना योजना का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले लाड़ली बहना योजना की जुलाई माह की 1500 रुपये की किस्त पात्र हितग्राहियों के खातों में जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार लगातार योजनाओं का विस्तार कर रही है।
उज्जैन को बताया शिक्षा और आस्था की नगरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन केवल बाबा महाकाल की नगरी ही नहीं बल्कि शिक्षा और संस्कृति का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण, सुदामा और महर्षि सांदीपनि आश्रम का उल्लेख करते हुए उज्जैन की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत को रेखांकित किया।
निष्कर्ष
उज्जैन दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान जगदीश मंदिर में पूजा-अर्चना कर धार्मिक परंपराओं का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों, कर्मचारियों के प्रमोशन, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर सरकार की प्राथमिकताओं को भी सामने रखा।