टाटा समूह के स्वामित्व में आने के बाद एयर इंडिया को अपनी पुनर्जागरण यात्रा का पहला बड़ा “गिफ्ट” मिल गया है। एयर इंडिया ने पहली बार ‘लाइन फिट’ बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान की आपूर्ति हासिल की है। यह न केवल टाटा अधिग्रहण के बाद बेड़े में शामिल होने वाला पहला ‘लाइन फिट’ ड्रीमलाइनर है, बल्कि पिछले आठ वर्षों में एयर इंडिया को मिला पहला नया 787-9 विमान भी है। विमानन उद्योग में ‘लाइन फिट’ का अर्थ होता है कि विमान के जरूरी सिस्टम, फीचर्स और उपकरण असेंबली के दौरान ही लगाए जाते हैं, न कि बाद में। इससे विमान की गुणवत्ता, तकनीकी एकरूपता और संचालन क्षमता बेहतर होती है। यही कारण है कि इस डिलीवरी को एयर इंडिया के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
सिएटल से भारत तक, नए सपनों की उड़ान
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, एयर इंडिया ने 7 जनवरी को अमेरिका के सिएटल स्थित बोइंग के एवरेट प्लांट में इस ड्रीमलाइनर का स्वामित्व प्राप्त किया। डीजीसीए के निरीक्षण के बाद यह विमान अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच सकता है। जनवरी 2022 में निजीकरण के बाद यह एयर इंडिया द्वारा लिया गया पहला ‘लाइन फिट’ ड्रीमलाइनर है। इससे पहले अक्टूबर 2017 में, जब कंपनी सरकार के स्वामित्व में थी, तब आखिरी बार ऐसा विमान शामिल हुआ था।
वाइड-बॉडी बेड़े को मिलेगी मजबूती
यह विमान एयर इंडिया के लिए एक और मायने में खास है। यह उसका नवीनतम ‘वाइड-बॉडी’ विमान है और 2023 में ऑर्डर किए गए 220 बोइंग विमानों में से 52वां विमान है। इससे पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस को ‘नैरो-बॉडी’ बोइंग 737-8 के 51 विमान मिल चुके हैं, जिनमें दिसंबर के अंत में शामिल किया गया पहला ‘लाइन फिट’ विमान भी शामिल है।
विशाल ऑर्डर, बड़े बदलाव की तैयारी
टाटा समूह द्वारा अधिग्रहण के बाद एयर इंडिया ने 350 एयरबस और 220 बोइंग विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर दिया था। एयरबस ऑर्डर में से 6 ए350 विमान पहले ही एयर इंडिया के बेड़े में शामिल हो चुके हैं। वहीं, विस्तारा के साथ विलय के बाद एयर इंडिया को 26 बोइंग 787-8 और 6 बोइंग 787-9 विमान भी मिले हैं।
वर्तमान में एयर इंडिया समूह के पास 300 से अधिक विमान हैं, जिनमें से करीब 185 विमान एयर इंडिया के और बाकी एयर इंडिया एक्सप्रेस के हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पुराने करीब एक दर्जन ड्रीमलाइनर विमानों को आधुनिक रूप देकर 2026 तक दोबारा सेवा में लाया जा सकता है।
क्या लौटेंगे ‘महाराजा’ के दिन?
नए विमानों की डिलीवरी, पुराने बेड़े का आधुनिकीकरण और वैश्विक स्तर पर विस्तार की आक्रामक रणनीति—ये सभी संकेत देते हैं कि टाटा समूह एयर इंडिया को फिर से विश्वस्तरीय एयरलाइन बनाने के मिशन पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या आने वाले वर्षों में ‘महाराजा’ एक बार फिर अपनी पुरानी शान और प्रतिष्ठा हासिल कर पाएगा?
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