अयोध्या में होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लकेर देश भर में उल्लास है। इन दिनों हर तरफ जय श्री राम के नारों की गूंज भी सुनाई दे रही है। 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले मध्य प्रदेश सरकार ने 'राम' को लेकर बड़ी बैठक बुलाई है। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राम वन गमन पथ को लेकर मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग में श्रीरामचंद्र न्यास से जुड़े सभी विषयों पर चर्चा होगी।
श्रीरामचंद्र न्यास से जुड़े सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी
16 जनवरी को चित्रकूट में राम वन गमन पथ को लेकर मीटिंग होगी। इस बैठक की अध्यक्षता सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस बैठक में श्रीरामचंद्र न्यास से जुड़े सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी। भगवान राम अपने वनवास के दौरान मध्य प्रदेश के जिन मार्गों से गुजरे अब उन मार्गों का विकास कराएगी एमपी सरकार।
एमपी में राम वन गमन पथ चिन्हित
मध्य प्रदेश में राम वन गमन पथ चिन्हित कर लिया गया है। यह पथ चित्रकूट से अमरकंटक तक 370 किलोमीटर लंबा है। इस पथ में सतना, पन्ना, कटनी, जबलपुर, नर्मदापुरम, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिले के स्थलों को चिह्नित किया गया है। इसमें स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, अत्रि आश्रम, शरभंग आश्रम, अश्वमुनि आश्रम, सुतीक्ष्ण आश्रम, सिद्धा पहाड़, सीता रसोई, रामसेल, राम जानकी मंदिर, बृहस्पति कुंड, अग्निजिह्ना आश्रम, अगस्त्य आश्रम, शिव मंदिर, रामघाट, श्रीराम मंदिर, मार्कंडेय आश्रम, दशरथ घाट और सीता मढ़ी शामिल हैं। बताया जाता है कि यहां भगवान राम ने वनवास के दौरान 11 साल 11 महीने और 11 दिन का समय गुजारा था।
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