अयोध्या में नगर निगम की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत रामायण वैक्स म्यूजियम का निर्माण पूरा हो चुका है। लगभग 10 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में फैला यह म्यूजियम श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण बनने जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि रामकथा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करना है।
10 करोड़ की लागत, विश्वस्तरीय वैक्स शिल्प
परियोजना की निर्माण कंपनी के एमडी और विश्व विख्यात वैक्स शिल्पी सुनील कुमार कांडलोर के अनुसार, म्यूजियम पर करीब 10 करोड़ रुपये की लागत आई है। सभी वैक्स स्टैच्यू अत्यंत बारीकी और कलात्मकता के साथ तैयार किए गए हैं, ताकि हर दृश्य जीवंत और प्रभावशाली लगे। इन मूर्तियों का निर्माण मुंबई की विशेष कार्यशाला में किया गया है।
रामकथा के 40 प्रसंग होंगे सजीव
म्यूजियम में रामायण के 50 मॉडल में से 40 वैक्स स्टैच्यू के जरिए प्रमुख प्रसंगों को दर्शाया गया है। इनमें प्रभु राम का जन्म, सीता स्वयंवर, ताड़का वध, राम-हनुमान मिलन, सीता हरण, लंका दहन, अशोक वाटिका में माता सीता और राज्याभिषेक जैसे दृश्य शामिल हैं। प्रत्येक प्रसंग के पीछे विशेष पेंटिंग और लाइटिंग के माध्यम से गैलरी को जीवंत रूप दिया गया है।
फरवरी में संभावित लोकार्पण, CM योगी करेंगे उद्घाटन
सुनील कांडलोर ने बताया कि म्यूजियम के लोकार्पण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। हाल ही में उन्होंने अयोध्या के डिविजनल कमिश्नर और नगर निगम अधिकारियों से मुलाकात की है। पूरी संभावना है कि फरवरी के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस म्यूजियम का लोकार्पण करेंगे।
मनोरंजन और पर्यटन का नया केंद्र बनेगा परिसर
रामायण वैक्स म्यूजियम परिसर में पर्यटकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। यहां कॉफी शॉप, मिरर हाउस, हॉरर हाउस, 9D मूवी शो और गेम शो हाउस जैसी गतिविधियां होंगी। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थान धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ मनोरंजन का भी प्रमुख केंद्र बन जाएगा।
अयोध्या की वैश्विक पहचान को मिलेगा विस्तार
राम मंदिर के बाद रामायण वैक्स म्यूजियम अयोध्या की पहचान को और मजबूत करेगा। यह परियोजना न केवल स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगी, बल्कि अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करेगी।
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