मेट्रोपॉलिटन रीजन के तहत भोपाल-राजगढ़-विदिशा-सीहोर-रायसेन को एक साझा पर्यटन सर्किट या टूरिज्म कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। सड़क परिवहन के जरिए ये कॉरिडोर इन जिलों में फैली विरासत, धार्मिक स्थलों, प्रकृति और ग्रामीण पर्यटन को एक सूत्र में पिरोएगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। भोपाल झीलों और संग्रहालयों के लिए प्रसिद्ध है जो इस कॉरिडोर का केंद्र बिंदु बनेगा। यह सर्किट आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन का मिश्रण होगा, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने में सक्षम है। यह सर्किट ‘गोल्डन टूरिज्म ट्राइएंगल’ की तरह काम करेगा।
ऐसे जुडेंगे पर्यटन स्थल
रायसेन में ऐतिहासिक किला और भोजपुर का शिव मंदिर है। विदिशा के पास सांची जैसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, हेलिओडोरस स्तंभ, उदयगिरि गुफाएं हैं। सीहोर जिला धार्मिक स्थल जैसे चिंतामण गणेश के लिए पहचाना जाता है। राजगढ़ में पहाड़ियों, झरनों और आदिवासी संस्कृति को पर्यटन से जोड़ा जाएगा।
ऐसे मजबूत करेंगे पर्यटन
इस टूरिज्म कॉरिडोर के विकास के लिए सरकार को सड़कों, रेस्ट हाउसों, पर्यटन सूचना केंद्रों और गाइड सेवाओं की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। डिजिटल प्रमोशन, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और होम स्टे जैसी योजनाएं प्लान में शामिल की जा रही है।
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