उत्तर प्रदेश में किसानों को उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सहकारिता विभाग ने बी-पैक्स (PACS) सहकारी समितियों के माध्यम से खाद वितरण के लिए एक नया डिजिटल ऐप सॉफ्टवेयर तैयार किया है। आगामी खरीफ सीजन 2026-27 से उर्वरक वितरण इसी ऐप के जरिए किए जाने की योजना है। नई व्यवस्था के तहत केवल वही किसान खाद प्राप्त कर सकेंगे, जो संबंधित सहकारी समिति के सदस्य होंगे। साथ ही उन्हें उनकी खेती के रकबे के अनुसार ही रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वितरण में संतुलन और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
30 अप्रैल तक बनवा सकते हैं सदस्यता
सहकारिता विभाग के अधिकारी रवि शंकर चौधरी के अनुसार, जो किसान अभी तक बी-पैक्स समिति से नहीं जुड़े हैं, वे 30 अप्रैल तक सदस्यता ले सकते हैं। विभाग ने सभी समितियों को सदस्यता से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं, ताकि किसानों को प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
डिजिटल ऐप से मिलेंगे कई फायदे
इस नई डिजिटल प्रणाली के लागू होने से किसानों और समितियों दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है:
उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी
खेती के रकबे के अनुसार न्यायसंगत आपूर्ति होगी
खाद लेने में समय और प्रक्रिया की बचत होगी
समितियों पर भीड़ और अव्यवस्था कम होगी
किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी
सरकार का मानना है कि यह पहल डिजिटल गवर्नेंस और किसानों के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
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