प्रदेश में अवैध कॉलोनियां बनाने वाले और उन्हें अनदेखा कर बढ़ावा देने वालों की नकेल कसी जाएगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने अवैध कॉलोनियों को रोकने के नियम सख्त करने की तैयारी की है। इसके ड्राफ्ट बनाए हैं। ड्राफ्ट के अनुसार, अवैध कॉलोनियों की शिकायतों पर जांच और कार्रवाई न करने वाले प्राधिकृत अफसर और कर्मचारियों को तीन साल की सजा व 10 हजार जुर्माने का प्रावधान है।
प्राधिकृत अफसरों में कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर हैं। यानी प्रस्ताव के तहत उन्हें जेल व जुर्माना भुगतना होगा। अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस सहायता जानबूझकर उपलब्ध नहीं कराने पर पुलिस अफसरों पर भी यही कार्रवाई हो सकती है। साथ ही अवैध कॉलोनी बनाने वालों के लिए भी सजा और जुर्माना बढ़ाया है।
हालांकि प्रस्ताव पर अंतिम फैसला कैबिनेट में होगा। नगरीय विकास की समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री ने अवैध कॉलोनियां रोकने के नियम सख्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद संचालनालय ने ड्राफ्ट बनाया। इसमें साफ है जो अफसर अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए जिम्मेदार हैं। शिकायत पर जांच-कार्रवाई नहीं करते या टालते हैं तो दोषी माने जाएंगे।
अब नियमों को सख्त करने के लिए मोहन सरकार ने कसी कमर, नियमों के उल्लंघन पर नपेंगे कलेक्टर और निगमायुक्त, जानें आखिर किस मामले पर सीएम दिखा रहे सख्ती
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