भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में 10 से 12 जनवरी के बीच सीमा पर देखे गए ड्रोन मामलों पर विस्तार से बात की है। उन्होंने कहा कि इन ड्रोन गतिविधियों को लेकर सेना सतर्क है, लेकिन इन ड्रोन का स्वरूप छोटा और डिफेंसिव प्रतीत होता है।
10 जनवरी को लगभग 6 ड्रोन देखे गए
जनरल द्विवेदी ने बताया कि 10 जनवरी को लगभग 6 ड्रोन, और 11 व 12 जनवरी को 2 से 3 ड्रोन देखे गए। उनका मानना है कि ये ड्रोन भारतीय सेना की स्थिति और तैयारियों की जांच करने के लिए भेजे गए थे। उन्होंने कहा - मुझे लगता है कि ये डिफेंसिव ड्रोन थे, जो यह देखने की कोशिश कर रहे थे कि कहीं हमारी कोई कमी तो नहीं है या कोई ऐसी जगह तो नहीं है, जहां से आतंकवादी गतिविधियां संचालित की जा सकें।
हम संभावित खतरे के लिए तैयार है
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आगे कहा कि भारतीय सेना ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। DGMO (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के साथ बातचीत में स्पष्ट किया गया कि इस तरह की ड्रोन गतिविधियों को मंजूर नहीं किया जाएगा और इसे रोकने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि भारतीय सेना ने पूरी स्थिति का मूल्यांकन कर सुरक्षा कड़ी कर दी है और आगे किसी भी संभावित खतरे के लिए तैयार है।
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