जबलपुर जिला बार एसोसिएशन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 30 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने वाला मध्य प्रदेश का पहला बार एसोसिएशन बन गया है। इसकी जानकारी बार अध्यक्ष मनीष मिश्रा और सचिव ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने दी।
सामान्य सभा में संशोधन सर्वसम्मति से पारित
मंगलवार को पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता सुधीर नायक की अध्यक्षता में आयोजित सामान्य सभा में संविधान संशोधन प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। संशोधन का वाचन बार अध्यक्ष द्वारा किया गया, जिसके बाद नए नियमों को लागू करने का निर्णय लिया गया।
आपराधिक मामलों में दोषी वकीलों पर रोक
नए प्रावधान के तहत ऐसे वकील, जिन्हें किसी आपराधिक मामले में 5 वर्ष या उससे अधिक की सजा हो चुकी है, उन्हें बार चुनाव में मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा।
नए वकीलों के लिए प्रोविजनल सदस्यता
अब नए अधिवक्ताओं को शुरुआती दो वर्षों तक अस्थायी (प्रोविजनल) सदस्यता दी जाएगी। इस दौरान उन्हें हर साल कम से कम पांच कोर्ट आदेश-पत्रक के साथ आवेदन देना होगा। जांच के बाद ही उनकी सदस्यता स्थायी की जाएगी। इस अवधि में उन्हें चुनाव लड़ने, वोट देने या सामान्य सभा में भाग लेने का अधिकार नहीं होगा।
महिला अधिवक्ताओं को बढ़ावा, नया पद सृजित
बार एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष का पद महिला अधिवक्ता के लिए आरक्षित किया गया है। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी का नया पद भी बनाया गया है, जिसे कार्यकारिणी द्वारा मनोनीत किया जाएगा।
10 साल की वकालत अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार, कुछ पदों के लिए कम से कम 10 वर्ष का वकालत अनुभव अनिवार्य कर दिया गया है।
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