असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। नगांव से दो बार के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी जोर पकड़ रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बोरदोलोई का यह कदम आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी बयान देते हुए कहा कि अगर बोरदोलोई भाजपा में शामिल होना चाहते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी।
भाजपा में आने के संकेत
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि अगर वे भाजपा में आते हैं तो उन्हें आगामी चुनाव में टिकट भी दिया जा सकता है। गौरतलब है कि राज्य में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने हैं, ऐसे में यह राजनीतिक घटनाक्रम बेहद अहम माना जा रहा है।
बोरदोलोई पार्टी के भीतर चल रही खींचतान से नाराज
बताया जा रहा है कि बोरदोलोई पार्टी के भीतर चल रही खींचतान से नाराज थे। खासतौर पर कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के साथ मतभेद की खबरें सामने आई थीं। उनके बेटे को मार्घेरिटा सीट से टिकट मिलने के बाद भी असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। इससे पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद अब बोरदोलोई का जाना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। असम की राजनीति में इस बदलाव का असर चुनावी नतीजों पर कितना पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
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