निर्वाचन आयोग ने बंगाल और केरल में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए बड़े प्रशासनिक बदलाव किए। चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद ही यह कार्रवाई की गई।
बंगाल में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल-
- 13 जिलों के एसपी और एसएसपी हटाए गए।
- 6 आईजी स्तर के अधिकारियों का भी स्थानांतरण किया गया।
- आसनसोल-दुर्गापुर, हावड़ा, बराकपोर और चंदननगर में नए पुलिस कमिश्नर नियुक्त किए गए।
- आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार सिंह को दक्षिण बंगाल का नया एडीजी और के जयरामन को उत्तर बंगाल का एडीजी बनाया गया।
- मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को उनके पदों से हटा दिया गया।
- नए मुख्य सचिव के रूप में दुश्मंत नारियाला और नए गृह सचिव के रूप में संघमित्रा घोष को तैनात किया गया।
केरल में तुरंत लागू होने वाले तबादले-
- 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के बड़े तबादले किए गए।
- नारायणन को कोझिकोड के जिला पुलिस अधीक्षक और थामसन जोस को त्रिशूर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक बनाया गया।
- इनबासेखर को अलाप्पुझा का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया।
- आयोग ने राज्य सरकार से 18 मार्च तक अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया।
पर्यवेक्षकों की तैनाती और चुनावी तैयारियां-
- बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में कुल 1111 पर्यवेक्षक तैनात किए गए।
- बंगाल में सबसे अधिक 478 पर्यवेक्षक, तमिलनाडु में 327, असम में 136, केरल में 108 और पुडुचेरी में 38।
- आयोग ने पर्यवेक्षकों से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में तुरंत पहुंचकर प्रतिदिन लोगों से मिलने और चुनाव संबंधी शिकायतें सुनने के निर्देश दिए।
- पहली बार पांच राज्यों में बड़ी संख्या में पुलिस पर्यवेक्षक लगाए गए हैं।
चुनाव आयोग का यह कदम राजनीतिक सक्रियता बढ़ने के बीच मतदाता को डर और पक्षपात से मुक्त वातावरण में मतदान करने का भरोसा दिलाने के उद्देश्य से लिया गया है।
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