मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित करते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू की है। पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए अब उद्यानिकी और जलीय फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम में सिंघाड़ा, मखाना और सब्जी महोत्सव आयोजित किए जाएंगे।इन महोत्सवों में उद्यमी, निर्यातक और कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो किसानों को नई तकनीक, उत्पादन बढ़ाने के तरीके और बाजार से जुड़ने के अवसरों की जानकारी देंगे।
मखाना उत्पादन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया
प्रदेश के नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में मखाना उत्पादन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। लगभग 150 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती विकसित की जाएगी, जिस पर करीब 45 लाख रुपये की लागत आएगी। किसानों को 75 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर या कुल लागत का 40% तक अनुदान दिया जाएगा।
2,739 हजार टन उत्पादन का अनुमान
मखाने की मांग देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार, खासकर अरब देशों और यूरोप में तेजी से बढ़ रही है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने मखाना बोर्ड का गठन किया है। सिंघाड़ा की खेती भी प्रदेश में तेजी से बढ़ रही है। 2025-26 में 1,078 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती हुई और 2,739 हजार टन उत्पादन का अनुमान है।
आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा
मई के तीसरे सप्ताह में नर्मदापुरम में मखाना-सिंघाड़ा महोत्सव और अक्टूबर के पहले सप्ताह में इंदौर में सब्जी महोत्सव आयोजित होगा। सरकार की यह पहल किसानों को अधिक लाभकारी फसलों की ओर प्रेरित करेगी और उनकी आय बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
Comments (0)