कश्मीर में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए गुलमर्ग में हेलीकॉप्टर सेवा को पुनः शुरू कर दिया गया है। यह सुविधा लंबे समय से पर्यटकों की मांग में थी, खासकर उन यात्रियों के लिए जो सीमित समय में अधिक से अधिक प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करना चाहते हैं। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से गुलमर्ग की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पहचान और मजबूत होगी।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ उद्घाटन
हेलीकॉप्टर सेवा का औपचारिक उद्घाटन विधायक गुलमर्ग फारूक अहमद शाह, विधायक हजरतबल सलमान सागर और गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की मौजूदगी में किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने इसे पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि इससे गुलमर्ग की पहुंच और आकर्षण दोनों बढ़ेंगे।
ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों तक आसान पहुंच
इस सेवा के माध्यम से पर्यटकों को सनशाइन पीक और अफरवट हिल्स जैसे खूबसूरत और ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक हवाई मार्ग से पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी। अब बर्फ से ढकी चोटियों, विस्तृत घाटियों और रोमांचक दृश्यों का आनंद लेने के लिए लंबी और कठिन यात्राओं की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे वरिष्ठ नागरिकों और साहसिक पर्यटन प्रेमियों दोनों को लाभ मिलेगा।
स्थानीय उद्यमिता और रोजगार का नया अवसर
हेलीकॉप्टर सुविधा की यह पहल स्थानीय युवा उद्यमी अब्दुल मजीद बख्शी उर्फ बल्लू बख्शी द्वारा शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा करना है। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर शुरू की गई पहलें क्षेत्रीय विकास में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
शीतकालीन पर्यटन के लिए गेम-चेंजर
स्थानीय लोगों और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों ने हेलीकॉप्टर सेवा की बहाली का स्वागत करते हुए इसे शीतकालीन पर्यटन के लिए गेम-चेंजर बताया है। बर्फबारी के मौसम में जब सड़क मार्ग बाधित हो जाते हैं, तब यह सेवा पर्यटकों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक विकल्प साबित होगी, जिससे गुलमर्ग में साल भर पर्यटन गतिविधियां जारी रह सकेंगी।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
हेलीकॉप्टर सुविधा के फिर से शुरू होने से गुलमर्ग में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिसका सीधा असर होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय व्यवसायों पर पड़ेगा। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि कश्मीर की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
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