जंतर-मंतर पर पिछले दो दिनों से जारी प्रदर्शन का असर देश के साथ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी देखने को मिला। घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।
'राहुल गांधी संविधान के नाम पर लोगों को कर रहे दिग्भ्रमित'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि राहुल गांधी संविधान की एक पतली सी किताब हाथ में लेकर घूमते हैं और लोगों को यह कहकर दिग्भ्रमित कर रहे हैं कि संविधान खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान को खतरे में डालने का काम कांग्रेस ने ही किया है।
प्रधानमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन को लेकर उठाए सवाल
किरण सिंह देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के सामने बिना पूर्व सूचना के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के आसपास का क्षेत्र संवेदनशील है और वहां धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित है। उन्होंने पिछले दो दिनों के घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
'छात्र आंदोलन को राजनीतिक आंदोलन में बदलने का आरोप'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों का आंदोलन अभी पूरी तरह से आकार भी नहीं ले पाया था, लेकिन कांग्रेस और उसके गठबंधन के सहयोगियों ने उसमें राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को शामिल कर आंदोलन का स्वरूप बदल दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है, लेकिन किसी आंदोलन को राजनीतिक रूप देना उचित नहीं है।
'छात्रों का हित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए सर्वोपरि'
किरण सिंह देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए छात्रों का हित सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल छात्रों के हित में कदम उठाए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया और दोबारा परीक्षा भी आयोजित कराई गई।
सदन में चर्चा के लिए सरकार तैयार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों के मुद्दे पर सरकार सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों के आंदोलन में शामिल होकर उसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन में दिए जा रहे भाषण छात्रों के हितों पर केंद्रित होने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।