छत्तीसगढ़ सरकार ने VSK ऐप के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन जारी करने का अपना निर्णय फिलहाल वापस ले लिया है। सरकार ने संयुक्त संचालकों (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में चर्चा के बाद यह फैसला लिया। इस निर्णय से प्रदेशभर के शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।
शिक्षक संघ ने जताया संतोष
शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि संगठन लंबे समय से VSK ऐप में मौजूद तकनीकी समस्याओं और व्यावहारिक दिक्कतों को सरकार के सामने रखता रहा है। ऐसे में सरकार का यह कदम शिक्षकों के हित में और व्यावहारिक माना जा सकता है।
नेटवर्क और तकनीकी खामियां बनीं बड़ी चुनौती
शिक्षक संघ का कहना है कि छत्तीसगढ़ के कई दूरस्थ, आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या आज भी बनी हुई है। इसके अलावा VSK ऐप में तकनीकी खामियां भी लगातार सामने आ रही हैं।
संघ के अनुसार-
कई क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है।
VSK ऐप में तकनीकी त्रुटियां अब तक दूर नहीं हुई हैं।
ऐप की नियमित मॉनिटरिंग और अपडेट नहीं हो रहे हैं।
ऐसी स्थिति में केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन जारी करना उचित नहीं है।
क्या है शिक्षक संघ की मांग?
शालेय शिक्षक संघ ने सरकार से मांग की है कि-
पहले VSK ऐप की सभी तकनीकी कमियों को दूर किया जाए।
प्रदेश के सभी जिलों में ऐप का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाए।
नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए।
इसके बाद ही ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन जारी करने की व्यवस्था लागू की जाए।
सरकार के फैसले से शिक्षकों को राहत
सरकार के इस निर्णय के बाद फिलहाल शिक्षकों का वेतन VSK ऐप की उपस्थिति से नहीं जोड़ा जाएगा। इससे विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों की चिंता कम हुई है, जहां इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की समस्या अक्सर बनी रहती है।