रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में हालात गंभीर बना दिए हैं। प्रदेश के गरियाबंद, बीजापुर, रायपुर, धमतरी, सक्ती, दंतेवाड़ा, बालोद, कोंडागांव और सूरजपुर समेत कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं। कई स्थानों पर सड़कें और पुल-पुलिया जलमग्न हो गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं कुछ क्षेत्रों में गांवों में पानी घुसने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
गरियाबंद में निर्माणाधीन पुल भरभराकर गिरा
गरियाबंद जिले में उदंती नदी पर निर्माणाधीन पुल भारी बारिश का दबाव नहीं झेल सका और अचानक ढह गया। करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल छत्तीसगढ़ के अमलीगांव को ओडिशा के चार गांवों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था।पुल गिरने से दोनों राज्यों के बीच आवागमन प्रभावित हो गया है। प्रशासन ने घटना की जानकारी संबंधित विभागों को भेजते हुए तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकारी वाहन पर गिरा विशाल पेड़
लगातार बारिश के कारण गरियाबंद में पेड़ों की जड़ें भी कमजोर हो गई हैं। देर रात वन विभाग परिसर में खड़ी छुरा रेंजर की सरकारी बोलेरो पर एक विशाल पेड़ गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सौभाग्य से उस समय वाहन में कोई मौजूद नहीं था, इसलिए जनहानि नहीं हुई।घटना के बाद वन विभाग ने जोखिम वाले पेड़ों की पहचान कर उन्हें हटाने का अभियान शुरू कर दिया है।
सक्ती में महानदी उफान पर, कलमा बैराज के सभी गेट खुले
सक्ती जिले में लगातार बारिश के चलते महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कलमा बैराज के सभी 66 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में हाई अलर्ट जारी किया है और लोगों से नदी में उतरने, मछली पकड़ने तथा नाव के जरिए आवागमन से बचने की अपील की है।
बीजापुर में इंद्रावती नदी खतरे के निशान से ऊपर
बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान को पार कर चुका है। भोपालपटनम क्षेत्र के चंदनगिरी गांव के आसपास बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार शाम तक नदी का जलस्तर लगभग 15 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 14.50 मीटर है।स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ा खतरा
भैरमगढ़-गीदम मार्ग पर फुंडारी के पास नदी का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गया है। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो बीजापुर का मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। इसका असर तेलंगाना और महाराष्ट्र की ओर जाने वाले मार्गों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
रायपुर और धमतरी में भी प्रशासन सतर्क
राजधानी रायपुर के महादेव घाट पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। वहीं सिकासार बांध से लगभग 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पैरी नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।धमतरी में भी सोंढूर बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
दंतेवाड़ा और नारायणपुर में आवागमन प्रभावित
दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है। एहतियात के तौर पर इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।वहीं नारायणपुर को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर एक पुलिया प्रभावित होने से यातायात बाधित हो गया है। प्रशासन वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करने में जुटा है।
कई जिलों में राहत-बचाव दल तैनात
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव टीमों को तैनात कर दिया है। जिला प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं, जलमग्न सड़कों को पार करने का प्रयास न करें और मौसम विभाग तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अगले कुछ दिन अहम
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।