रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। धमतरी जिले के सिहावा क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सोढूर बांध के पांच गेट खोलकर हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दूसरी ओर राजिम में त्रिवेणी संगम का जलस्तर लगातार बढ़ने से भगवान श्री कुलेश्वरनाथ मंदिर जलमग्न हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण बस्तर संभाग के कई जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान तेज बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, बिलासपुर, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
सिहावा में बाढ़ जैसे हालात, सोढूर बांध से छोड़ा गया पानी
धमतरी जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण सिहावा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है। महानदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सोढूर बांध के पांच गेट खोल दिए। बांध से करीब पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि बांध में 15,256 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई।लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण कई पुल और एनीकट पानी में डूब गए हैं। इससे आसपास के कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित करते हुए लोगों से नदी-नालों के पास नहीं जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
राजिम में त्रिवेणी संगम उफान पर, कुलेश्वरनाथ मंदिर जलमग्न
लगातार बारिश का असर धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई दे रहा है। गरियाबंद जिले के राजिम स्थित त्रिवेणी संगम में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। संगम के मध्य स्थित भगवान श्री कुलेश्वरनाथ मंदिर तक पानी पहुंच गया है और मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो गया है।
सावन महीने की शुरुआत के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु राजिम पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। सिकासार जलाशय में बढ़ते जलदबाव के कारण पैरी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है।
कांकेर में जलभराव से लोगों की बढ़ीं मुश्किलें
कांकेर जिले के ग्राम पटौद में लगातार बारिश के कारण जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग द्वारा बनाई गई नालियां और पुलिया जाम होने से बारिश का पानी सड़क पर भर गया है।जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और कई घरों में भी पानी घुस गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या की जानकारी पहले भी दी गई थी, लेकिन समय रहते समाधान नहीं किया गया। सड़क पर जमा पानी के बीच स्कूली छात्राओं के गुजरने से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
दूधावा डैम की नाली टूटी, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
कांकेर जिले के सामतरा गांव में सिंचाई के लिए बनाई गई दूधावा डैम की नहर पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। नाली टूटने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान ही घटिया सामग्री के इस्तेमाल और अनियमितताओं की शिकायत की गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। अब पहली बारिश में ही नहर टूटने से किसानों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पखांजूर में आंधी-तूफान से यातायात ठप
कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। बांदे-पखांजूर मुख्य मार्ग पर कई बड़े पेड़ और बिजली के पोल गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। यात्री बसों का संचालन भी प्रभावित रहा। बांदे स्थित बीएसएफ कैंप के आसपास भी पेड़ गिरने की सूचना है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन सुबह से ही सड़क से पेड़ हटाने और यातायात बहाल करने के काम में जुटा हुआ है।
देवधारा जलप्रपात का बढ़ा सौंदर्य, पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील
लगातार बारिश के बाद गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक स्थित देवधारा जलप्रपात पूरे वेग के साथ बह रहा है। झरने का मनमोहक दृश्य लोगों को आकर्षित कर रहा है, लेकिन प्रशासन ने पर्यटकों से जलप्रपात के किनारों पर अधिक न जाने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
प्रशासन की अपील, अनावश्यक यात्रा से बचें
प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने, मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर ध्यान देने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तुरंत तैनात किया जाएगा।