छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार तकनीक का विस्तार कर रही है। रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग के सचिव अंकित आनंद और CHiPS के सीईओ मयंक अग्रवाल ने राज्य में डिजिटल गवर्नेंस की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की।
'सेवा सेतु' बना राज्य का सबसे बड़ा डिजिटल नागरिक सेवा मंच
विभाग के सचिव अंकित आनंद ने बताया कि 'सेवा सेतु' राज्य का सबसे बड़ा डिजिटल नागरिक सेवा मंच बन चुका है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग सरकारी सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
35 विभागों की 564 सेवाएं ऑनलाइन
'सेवा सेतु' पोर्टल पर वर्तमान में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के साथ आधार से जुड़ी सेवाएं, राशन कार्ड, विवाह पंजीयन और नल कनेक्शन जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं।
ढाई साल में 85 लाख से ज्यादा आवेदन
अंकित आनंद के मुताबिक, पिछले ढाई वर्षों में 'सेवा सेतु' पोर्टल पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 78 लाख से ज्यादा आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। इससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है।
दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में बढ़ेगी डिजिटल कनेक्टिविटी
राज्य सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल नेटवर्क का विस्तार कर रही है। इसके लिए भारतनेट और डिजिटल भारत निधि के माध्यम से कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
AI और साइबर सुरक्षा पर भी फोकस
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा और डिजिटल नवाचार को भी प्राथमिकता दी जा रही है। विभाग का दावा है कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के जरिए छत्तीसगढ़ डिजिटल और तकनीक आधारित सुशासन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।