रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले 5 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आज से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं।बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। इस बीच कोरबा और सरगुजा में बारिश के कारण हादसे सामने आए हैं।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। इसके चलते प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।अगले पांच दिनों के दौरान कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
कोरबा में दादर नाला उफान पर
कोरबा शहर में बारिश के बाद दादर नाला उफान पर आ गया। शनिवार सुबह नाला पार करने की कोशिश कर रही एक स्कॉर्पियो तेज बहाव की चपेट में आकर पानी में डूब गई।गाड़ी में सवार तीन दोस्तों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। करीब आधे घंटे बाद स्कॉर्पियो को भी पानी से बाहर निकाल लिया गया।
डंपिंग का मलबा सड़क पर आया, कार और बस फंसी
कोरबा के कनकी-सर्वमंगला मुख्य मार्ग पर SECL कुसमुंडा की डंपिंग का मलबा बारिश के पानी के साथ बहकर सड़क पर आ गया। इससे पूरा मार्ग मिट्टी और कीचड़ से भर गया।मलबे में एक कार और यात्री बस फंस गई। कार लगभग पूरी तरह मिट्टी में दब गई, जबकि बस के पहिए मलबे में फंस गए। राहत की बात रही कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
मैनपाट में नदी में बहे युवक-युवती
सरगुजा के मैनपाट घूमने पहुंचे एक युवक और युवती के साथ भी बारिश के बीच हादसा हो गया। दोनों बाइक समेत घुनघुट्टा नदी के तेज बहाव में बह गए।दोनों की आवाज सुनकर एक व्यक्ति रस्सी लेकर मौके पर पहुंचा। उसने करीब एक किलोमीटर दूर तक बह चुकी युवती की ओर रस्सी फेंकी और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।हालांकि युवक तेज बहाव में बह गया और डूब गया। उसकी तलाश के लिए अभियान जारी है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बहाव वाले नालों और नदियों को पार करने की कोशिश खतरनाक साबित हो सकती है।मौसम विभाग की ओर से गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी को देखते हुए बारिश के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचना भी जरूरी है।