मध्यप्रदेश के कई इलाकों में लगातार बारिश और बाढ़ से बने हालात के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल अपना कार्यक्रम बदला। उन्होंने 29 अगस्त की शाम के सभी कार्यक्रम रद्द किए और नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे।रीवा में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति को लेकर आपात बैठक की। बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति और प्रशासन की तैयारियों की जानकारी ली गई।
सतना और चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाएंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब सतना जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही वे चित्रकूट पहुंचकर लगातार बारिश और मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेंगे।चित्रकूट में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बाढ़ के चलते रामघाट से हनुमान धारा जाने वाला पुराना पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
SDRF और सेना के हेलीकॉप्टर रेस्क्यू में जुटे
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के साथ SDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। चित्रकूट में प्रभावित लोगों की मदद के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों से भी रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।जबलपुर से पहुंची SDERF टीम भी राहत कार्यों में जुटी है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
6 आश्रय स्थलों में रहने और भोजन की व्यवस्था
चित्रकूट में जलभराव वाले क्षेत्रों से प्रभावित लोगों के लिए 6 आश्रय स्थल बनाए गए हैं। यहां प्रभावित लोगों के ठहरने के साथ भोजन और चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाएं की गई हैं।प्रशासन लगातार बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर फ्लड लेवल के करीब
प्रशासन के अनुसार मंदाकिनी नदी का जलस्तर अधिकतम फ्लड लेवल 136 मीटर के करीब पहुंच रहा है। ऐसे में नदी के आसपास के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।बाढ़ और जलभराव की स्थिति में लोगों को सूचना और सहायता उपलब्ध कराने के लिए कंट्रोल रूम भी सक्रिय किया गया है।
मदद के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी
बाढ़ या जलभराव से जुड़ी किसी भी सूचना और सहायता के लिए प्रशासन ने कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर जारी किया है।
कंट्रोल रूम नंबर: 07672-223211