नई दिल्ली - अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले भारत को बड़ा झटका लगा है। देश की पदक की प्रमुख उम्मीदों में शामिल स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा चोट के कारण इस बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। नीरज ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खुद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने में लिगामेंट टीयर हो गया है।
ट्रेनिंग के दौरान लगी चोट
नीरज चोपड़ा के मुताबिक, लुसाने डायमंड लीग में सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के बाद उन्हें लग रहा था कि वह धीरे-धीरे अपनी लय हासिल कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद ट्रेनिंग के दौरान उन्हें टखने में चोट लग गई। उन्होंने डॉक्टरों और अपनी टीम से सलाह-मशविरा करने के बाद मौजूदा सीजन में आगे प्रतिस्पर्धा नहीं करने का फैसला किया है। इस फैसले का सीधा असर एशियाई खेलों में भारत की पदक उम्मीदों पर पड़ेगा।
लुसाने में हासिल की थी सीजन की बेस्ट थ्रो
चोट से पहले नीरज चोपड़ा ने लुसाने डायमंड लीग में शानदार प्रदर्शन किया था। वहां उन्होंने अपनी सीजन की सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज की थी। इस प्रदर्शन के बाद उनके फॉर्म में लौटने की उम्मीद बढ़ गई थी और एशियाई खेलों में उनसे एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, चोट ने उनकी तैयारियों पर ब्रेक लगा दिया है। नीरज ने साफ किया कि अब उनका पूरा ध्यान जल्दबाजी में मैदान पर लौटने के बजाय पूरी तरह स्वस्थ होने और मजबूत वापसी करने पर रहेगा।
नीरज ने खुद दी चोट की जानकारी
सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में नीरज ने अपनी स्थिति को लेकर निराशा जाहिर की। उन्होंने बताया कि वह अपनी लय के करीब पहुंच चुके थे, लेकिन चोट के कारण उन्हें इस सीजन से दूरी बनाने का फैसला लेना पड़ा। नीरज ने यह भी कहा कि खेल करियर में कुछ मुश्किल दौर सफर का हिस्सा होते हैं। फिलहाल वह रिकवरी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और पूरी फिटनेस हासिल करने के बाद मजबूती से वापसी करना चाहते हैं।
भारत की पदक उम्मीदों को बड़ा झटका
नीरज चोपड़ा पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े चेहरों में शामिल रहे हैं। ऐसे में एशियाई खेलों से उनका बाहर होना भारतीय दल के लिए निश्चित तौर पर बड़ा नुकसान है। फिलहाल प्रशंसकों की नजर नीरज की रिकवरी पर रहेगी। भारत को उम्मीद होगी कि स्टार जैवलिन थ्रोअर चोट से पूरी तरह उबरकर अगले सीजन में उसी दमदार अंदाज में वापसी करें, जिसके लिए वह दुनिया भर में पहचाने जाते हैं।