भोपाल। जन्माष्टमी के अवसर पर मध्य प्रदेश में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से 29 अगस्त से 4 सितंबर तक प्रदेशभर में विशेष स्वास्थ्य एवं पोषण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
आंगनबाड़ी और स्कूलों में होगी बच्चों की जांच
अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक शालाओं में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। बच्चों की सेहत से जुड़ी समस्याओं की पहचान के साथ उनके पोषण स्तर का भी आकलन किया जाएगा। जरूरत के अनुसार बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पौष्टिक भोजन पर भी रहेगा फोकस
स्वास्थ्य जांच के साथ बच्चों को पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार करना और प्रदेश में कुपोषण की समस्या को कम करना है। अभियान के दौरान बच्चों और उनके परिवारों को बेहतर पोषण के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
जन्माष्टमी पर धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा
जन्माष्टमी के अवसर पर मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े प्रमुख स्थलों जानापाव, अमझेरा, उज्जैन के सांदीपनि आश्रम, नारायणा, रायसेन के जामगढ़ और देवास के खातेगांव में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इन आयोजनों का नेतृत्व प्रदेश के मंत्री, सांसद और विधायक करेंगे। सरकार इन धार्मिक स्थलों को ‘कृष्ण गमन पथ’ से जोड़कर धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी कर रही है।
पर्यटकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
जन्माष्टमी के दौरान इन धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के सरकारी और निजी होटलों को विशेष व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य और पोषण अभियान के साथ-साथ भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।