वॉशिंगटन - अमेरिका में काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों, खासकर H-1B वीजा धारकों के लिए एक अहम बदलाव की तैयारी चल रही है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के एक प्रस्ताव को व्हाइट हाउस की रेगुलेटरी समीक्षा प्रक्रिया में मंजूरी मिल गई है। प्रस्ताव का मकसद उन विदेशी कर्मचारियों को नौकरी गंवाने के बाद मिलने वाली 60 दिन की ग्रेस पीरियड की सुविधा को खत्म करना है। हालांकि, अभी इसे लागू नहीं किया गया है और मौजूदा नियम के तहत मिलने वाली 60 दिन की अवधि फिलहाल जारी है।
OIRA ने प्रस्ताव को दी मंजूरी
ब्लूमबर्ग लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की ओर से तैयार किए गए इस प्रस्ताव को ऑफिस ऑफ इंफॉर्मेशन एंड रेगुलेटरी अफेयर्स (OIRA) ने गुरुवार को मंजूरी दी। रेगुलेटरी समीक्षा में मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव अब सार्वजनिक किए जाने की प्रक्रिया के और करीब पहुंच गया है। इसके बाद DHS प्रस्तावित नियम को औपचारिक रूप से प्रकाशित कर सकता है और जनता से इस पर प्रतिक्रिया मांगी जा सकती है।
भारतीय H-1B कर्मचारियों पर पड़ सकता है असर
यह प्रस्ताव भारतीय पेशेवरों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष कौशल वाले विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने की अनुमति देता है और इस कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थियों में भारतीय नागरिक शामिल हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत H-1B कर्मचारी की नौकरी समाप्त होने के बाद उसे नई नौकरी खोजने या अपनी इमिग्रेशन स्थिति को लेकर अगला कदम उठाने के लिए सीमित अवधि मिलती है। प्रस्तावित बदलाव में इसी 60 दिन के ग्रेस पीरियड को खत्म करने की बात कही गई है।
अभी लागू नहीं हुआ है नियम
इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि 60 दिन का ग्रेस पीरियड अभी खत्म नहीं हुआ है। केवल प्रस्ताव को रेगुलेटरी समीक्षा में मंजूरी मिली है। प्रस्ताव का पूरा टेक्स्ट भी अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नया नियम किन-किन श्रेणियों के विदेशी कर्मचारियों पर लागू होगा, क्या किसी विशेष परिस्थिति में छूट दी जाएगी या नौकरी जाने के बाद कर्मचारियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था प्रस्तावित की जाएगी।
आगे क्या होगा?
अब DHS की ओर से प्रस्तावित नियम को सार्वजनिक रूप से जारी किए जाने का इंतजार है। इसके प्रकाशित होने के बाद आम लोगों, कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों को अपनी प्रतिक्रिया देने का अवसर मिल सकता है। उस चरण में यह स्पष्ट होगा कि प्रशासन 60 दिन की मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करना चाहता है या उसके स्थान पर कोई नई प्रक्रिया लागू करने की योजना है।
फिलहाल H-1B वीजा धारकों के लिए मौजूदा नियम प्रभावी हैं। इसलिए प्रस्ताव की मंजूरी को तत्काल नियम बदलने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अंतिम बदलाव तभी प्रभावी होगा जब पूरी नियामकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद नया नियम लागू किया जाएगा।