प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा टल गया। जॉर्ज टाउन इलाके में केपी कॉलेज के सामने स्थित स्वामीनारायण मंदिर परिसर की तीन मंजिला इमारत का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। इमारत का मलबा पास में निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में जा गिरा। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय इमारत के प्रभावित हिस्से में कोई मौजूद नहीं था। बताया जा रहा है कि इमारत में पहले ही दरारें दिखाई देने लगी थीं और सुरक्षा को देखते हुए इसे करीब एक सप्ताह पहले खाली करा दिया गया था।
गहरे गड्ढे में जलभराव के बाद कमजोर हुई जमीन
स्थानीय जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर से सटे हिस्से में पिछले कुछ महीनों से एक तीन मंजिला कमर्शियल-कम-रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण चल रहा था। निर्माण के लिए मंदिर की इमारत के बेहद करीब काफी गहरी खुदाई की गई थी। लगातार बारिश के कारण इस गड्ढे में बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी के रिसाव और मिट्टी खिसकने के कारण आसपास की जमीन और मंदिर की इमारत की नींव प्रभावित हुई। इसके बाद देर रात अचानक इमारत का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया।
धर्मशाला के तौर पर इस्तेमाल होती थी इमारत
मंदिर के कोठारी (प्रशासक) कमलेश भगत और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों के अनुसार, ढही हुई इमारत का इस्तेमाल धर्मशाला के रूप में किया जाता था। इमारत में करीब 12 कमरे थे, जहां विशेष रूप से दक्षिण भारत से प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था रहती थी। अगर इमारत को समय रहते खाली नहीं कराया गया होता, तो हादसे के वक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मौजूद होने की आशंका थी।
पहले ही दिखने लगी थीं दरारें
बताया गया कि इमारत में कुछ समय पहले दरारें दिखाई देने लगी थीं। स्थिति को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने करीब एक सप्ताह पहले ही वहां रहने वाले लोगों को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया था। इसी वजह से इमारत के ढहने के बावजूद किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है।
तेज आवाज के बाद इलाके में मची अफरा-तफरी
इमारत के गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। सूचना मिलने के बाद जॉर्ज टाउन पुलिस और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने आसपास के हिस्से को सुरक्षित करते हुए लोगों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ा दी।
निर्माण कार्य और खुदाई की जांच
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल मंदिर की इमारत के बिल्कुल करीब की गई गहरी खुदाई को लेकर उठ रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस बात की जांच कर रहे हैं कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों और आवश्यक तकनीकी सावधानियों का पालन किया गया था या नहीं। तकनीकी टीम द्वारा जमीन, नींव और निर्माण स्थल की स्थिति का आकलन किए जाने के बाद हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
समय रहते खाली कराने से टला बड़ा हादसा
भारी बारिश के बीच तीन मंजिला इमारत का इस तरह गिरना आसपास के लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। हालांकि, सबसे बड़ी राहत यही है कि संभावित खतरे को देखते हुए इमारत को पहले ही खाली करा लिया गया था। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता आसपास के हिस्से को सुरक्षित करना और यह सुनिश्चित करना है कि कमजोर हुई जमीन या इमारत का कोई अन्य हिस्सा दोबारा दुर्घटना का कारण न बने।