बालाघाट - बालाघाट में रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बहनों के बीच आत्मीयता का खास नजारा देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कई बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भी बहनों के इस स्नेह को सम्मान के साथ स्वीकार करते हुए सभी को पर्व की बधाई दी।
‘बहनों का स्नेह देता है नई ऊर्जा’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बहनों से संवाद करते हुए कहा कि उनका प्यार और आशीर्वाद हमेशा उनके लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने वाला त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास, स्नेह और सुरक्षा की भावना का प्रतीक भी है।
आत्मीय माहौल में मनाया गया पर्व
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बहनों से बातचीत की और उनके साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। बहनों ने राखी बांधकर मुख्यमंत्री के स्वस्थ और सफल जीवन की कामना की। इस दौरान माहौल में भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता और अपनापन साफ नजर आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का विश्वास उनके लिए महत्वपूर्ण है और इस रिश्ते की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। बालाघाट में आयोजित यह रक्षाबंधन कार्यक्रम इसी स्नेह और विश्वास की भावना का संदेश देता नजर आया।
नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा और विकास दिया जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने तथा युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। इन कार्यों के माध्यम से क्षेत्र में सामाजिक एवं मूलभूत अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों सहित रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्रामों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं के आधार पर पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, वन आधारित आजीविका तथा अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए।