रीवा/सतना: मध्यप्रदेश के रीवा और सतना जिलों में लगातार बारिश के बाद जलभराव और बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अगस्त की रात दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे और सर्किट हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों जिलों में बाढ़ एवं राहत-बचाव की स्थिति की समीक्षा की।
अब तक करीब 700 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित हर व्यक्ति तक भोजन, वस्त्र, शुद्ध पेयजल और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जाएं।
रीवा-सतना में राहत और बचाव अभियान तेज
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा और सतना के कलेक्टरों से बारिश और बाढ़ से पैदा हुए हालात की जानकारी ली। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।सीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल भोजन, कपड़े और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
700 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
मुख्यमंत्री ने बताया कि चित्रकूट क्षेत्र में सिमरावल नदी और लगातार बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति कुछ गंभीर हुई है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं।अब तक करीब 700 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से, जबकि अन्य लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित निकाला गया।
10 स्थानों पर बनाए गए आश्रय स्थल
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग 10 स्थानों पर आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इन राहत केंद्रों पर प्रभावित लोगों के लिए भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी कोई व्यक्ति फंसा हुआ है या संकट में है, वहां तत्काल सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
नया गांव डैम को नुकसान, आंकलन शुरू
मुख्यमंत्री ने बताया कि नया गांव डैम को नुकसान पहुंचा है। इससे हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे कर आवश्यक राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।रीवा में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में होने की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी गई। बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं। पशु हानि होने पर नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
चित्रकूट में श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय रहवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराने को कहा गया है।सद्गुरु आश्रम में ठहरे श्रद्धालुओं के संपर्क नंबर लेकर उनके परिजनों से संपर्क कराने और श्रद्धालुओं की परिजनों से बातचीत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जैतवारा में भोजन-पानी और कपड़ों की व्यवस्था
जैतवारा गांव में बड़ी संख्या में लोग रुके हुए हैं। मुख्यमंत्री ने वहां प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त भोजन, पानी और वस्त्र की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने रीवा-सतना और सतना-चित्रकूट मार्गों की स्थिति की भी जानकारी ली।
हर प्रभावित तक पहुंचे मदद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इस संकट की घड़ी में प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को हरसंभव सहायता मिले। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ में फंसे किसी भी व्यक्ति की तत्काल मदद की जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि वह रविवार को स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे और मौके पर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।