छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मंगलवार तड़के रायगढ़ शहर में हुई तेज बारिश ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। पैठू डबरी, चंद्रनगर की नामदेव गली और वार्ड नंबर-18 सहित कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे घरों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। हालांकि, लगातार बारिश के बावजूद पूरे मानसून सीजन में राज्य में सामान्य से 24% कम वर्षा दर्ज की गई है।
रायगढ़ में बारिश ने बढ़ाई परेशानी
मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद रायगढ़ के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र-
पैठू डबरी
चंद्रनगर की नामदेव गली
वार्ड नंबर-18
इन इलाकों में कई घरों में घुटनों तक पानी भर गया, जबकि सड़कें भी पानी में डूब गईं। लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अगले 7 दिन किन क्षेत्रों में रहेगा ज्यादा असर?
मौसम विभाग के अनुसार-
उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले एक सप्ताह तक कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश की संभावना है।
गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।
अगले 3 दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
IMD के अनुसार अगले तीन दिनों तक-
अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश।
कुछ स्थानों पर भारी वर्षा।
तेज गर्जना और बिजली गिरने की संभावना।
निचले इलाकों में जलभराव की आशंका।
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
| स्थान | दर्ज बारिश |
|---|---|
| प्रतापपुर | 110 मिमी |
इसके अलावा उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
पूरे मानसून सीजन का हाल
1 जून से अब तक राज्य में-
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| कुल बारिश | 307.2 मिमी (12 इंच) |
| सामान्य के मुकाबले | 81.8% |
| बारिश की कमी | 24% कम |
यानी कई जिलों में अच्छी बारिश के बावजूद राज्य का कुल औसत अभी भी सामान्य से नीचे बना हुआ है।
संभागवार बारिश का रिपोर्ट कार्ड
बिलासपुर संभाग सबसे आगे
| जिला | बारिश |
|---|---|
| सारंगढ़-बिलाईगढ़ | 525.4 मिमी |
| जांजगीर-चांपा | 441.5 मिमी |
| बिलासपुर | 383.7 मिमी |
रायपुर संभाग
| जिला | बारिश |
|---|---|
| महासमुंद | 397.5 मिमी |
| बलौदाबाजार | 390.3 मिमी |
| गरियाबंद | 370.6 मिमी |
| रायपुर | 367.8 मिमी |
| धमतरी | 278.8 मिमी |
सरगुजा संभाग
| जिला | बारिश |
|---|---|
| बलरामपुर | 337.5 मिमी |
| कोरिया | 267.9 मिमी |
| जशपुर | 267.3 मिमी |
| एमसीबी | 266.8 मिमी |
| सूरजपुर | 252.5 मिमी |
| सरगुजा | 161 मिमी |
बस्तर संभाग
| जिला | बारिश |
|---|---|
| दंतेवाड़ा | 405.5 मिमी |
| नारायणपुर | 354 मिमी |
| बीजापुर | 311.8 मिमी |
दुर्ग संभाग
| जिला | बारिश |
|---|---|
| दुर्ग | 331.5 मिमी |
| बालोद | 326.3 मिमी |
| राजनांदगांव | 142.9 मिमी |
राजनांदगांव इस संभाग में अब तक सबसे कम बारिश वाले जिलों में शामिल है।
तापमान में भी आई गिरावट
बारिश के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज की गई।
| शहर | तापमान |
|---|---|
| रायपुर (अधिकतम) | 30.8°C |
| पेंड्रा रोड (न्यूनतम) | 23.4°C |
किसानों के लिए कितनी राहत?
लगातार बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिली है। विशेषकर-
धान
मक्का
सोयाबीन
दलहन की खेती के लिए पर्याप्त नमी मिल रही है। हालांकि जिन जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है, वहां आने वाले दिनों की वर्षा कृषि के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहेगी।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें।
गरज-चमक के समय खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
बिजली गिरने की चेतावनी पर सुरक्षित स्थान पर रहें।
स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें।