रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कांग्रेस नेता व राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा गदगद है। उन्होंने रामलला प्राणप्रतिष्ठा समारोह का स्वागत करते हुए अयोध्या जाने का न्यौता स्वीकारा है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया है कि वे 22 जनवरी को नहीं जाएंगे। राज्य सभा सदस्य तन्खा ने कहा कि मैं भगवान राम भक्त हूं और अयोध्या भी जाऊंगा।
मैं राम भक्त हूं और अयोध्या भी जाऊंगा
उन्होंने कहा कि 22 और 23 जनवरी को सरकारी कार्यक्रम है जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कई राज्य के मुख्यमंत्री शामिल होंगे, उस दौरान वहां भारी भीड़ होगी, इस वजह से वहां जाना ठीक नहीं है। हनुमान गढ़ी के संतजी ने भी आमंत्रित किया है। अयोध्या में सामान्य व्यक्ति भगवान राम के दर्शन करने जाने लगेंगे, उस समय मैं भी अयोध्या जाऊंगा।अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है तो वह शंकराचार्य जी की देन
तन्खा ने कहा कि स्वामी शंकराचार्य ने जब इस केस को उच्चतम न्यायालय में फाइल किया था, उस दौरान उनकी तरफ से मैंने ही पैरवी की थी। इसलिए मैं यह समझता हूं कि अगर आज राम मंदिर बन रहा है तो वह स्वामी शंकराचार्य जी की ही देन हैं। भारतीय जनता पार्टी द्वारा कांग्रेस पर सनातन विरोधी होने के आरोपों के जवाब में विवेक तन्खा ने कहा कि अगर कांग्रेस सनातन विरोधी या राम विरोधी होती तो फिर विवेक तन्खा ना भगवान से जुड़े केस की उच्चतम न्यायालय में पैरवी करते और ना अयोध्या जाने की बात करते। इसलिए भाजपा का यह कहना सरासर गलत है। तन्खा ने कहा कि देश के चारों ही शंकराचार्य नाराज हैं और अयोध्या के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे हैं। अगर चारों ही शंकराचार्य जी की मौजूदगी में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम होता तो न सिर्फ जनता में अच्छा संदेश जाता बल्कि सभी साधु संत भी खुश रहते।Read More: मध्य प्रदेश में सात लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेगी राहुल की न्याय यात्रा
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