भोपाल, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के लाभुकों को नौ महीने से मध्य प्रदेश में पेंशन नहीं मिल रही है। मध्य प्रदेश में 9,041 लाभुक हैं। इनलोगों ने कोरोना काल में अपने पैरेंट्स को खो दिए हैं। केंद्र से फंड नहीं मिलने की वजह से मध्य प्रदेश की सरकार ने इस योजान के पात्रों का पेंशन रोक दिया है। इस योजना के तहत छात्रों को हर महीने चार हजार रुपए का पेंशन मिलता था। मीडिया से बातचीत के दौरान अधिकारियों का कहना है कि केंद्र से फंड नहीं आ रहे हैं।
9,000 बच्चे हो रहे प्रभावित
दरअसल, मार्च 2020 से जून 2021 के बीच मध्य प्रदेश में 1,041 बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया, जबकि 8000 बच्चों ने अपने माता या पिता को खोया। इन बच्चों की मदद के लिए सरकार ने दो योजनाएं चलाई थीं, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना और स्पॉन्सरशिप योजना।
4,000 रुपए मिलते हर महीने
इन योजनाओं के तहत, बच्चों को हर महीने 4,000 रुपए मिलते थे। लेकिन जनवरी 2024 से, यह पैसा मिलना बंद हो गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार से पैसा नहीं आ रहा है, जिसके कारण ये योजनाएं बंद करनी पड़ी हैं।
परिवार की बढ़ गई मुश्किलें
वहीं, पेंशन की राशि नहीं मिलने पर परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरकार से मिलने वाली राशि ही बच्चों की परवरिश का सहारा था। अब यह राशि नहीं आ रही है। ऐसे में बच्चों की तमाम चीजें प्रभावित हो रही हैं।
भोपाल में अकेले हैं इतने बच्चे
गौरतलब है कि भोपाल में स्पॉन्सरशिप स्कीम के तहत 962 बच्चे और मुख्यमंत्री कोविड बाल कल्याण योजना के तहत 700 बच्चों को मदद दी जा रही थी। महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला ने कहा कि वह इस मामले की जांच करेंगे।
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