मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के पास लंबा संसदीय अनुभव है, जिसका असर अब देखना को मिल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा के नियमों को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है, जो विधायकों के लिए फायदेमंद रहेगा। विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के फैसले से अब सवालों के उत्तर फाइलों में कैद नहीं रहेंगे।
8 फरवरी 2024 को यह बदलाव किया गया
दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष ने फैसला किया है कि विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी लंबित प्रश्नों के उत्तर मिलेंगे। यानि अगर किसी विधायक ने सरकार से कोई सवाल किया है तो उसका जवाब सरकार को देना ही होगा, चाहे वह जवाब सदन की समाप्ति के बाद ही क्यों न दिया जाए, जिसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि विधायक जो प्रश्न लगाएंगे उनके जवाब उन तक जरूर पहुंचेंगे। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने 8 फरवरी 2024 के बजट सत्र में प्रश्न और अल्प सूचना प्रश्न कंडिका में यह बदलाव किया है।
लंबित प्रश्नों का उत्तर विधायकों को मिलेगा
इस फैसले के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह दिखेगा कि अगर विधानसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी लंबित प्रश्नों का उत्तर विधायकों को मिलेगा। इससे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही तरफ के विधायकों को इस बात की संतुष्टि होगी कि उन्होंने जो सवाल विधानसभा में लगाया था, उसका जवाब उन्हें मिला है। दरअसल, पहले के विधानसभा के कार्यकालों के दौरान पूर्व के सत्रों में लंबित प्रश्नों के अपूर्ण उत्तर नहीं दिए जाते थे, जिससे लोकहित के कई विषयों पर कार्यवाही नहीं हो पाती थी। हालांकि जवाब दिए जाते थे, लेकिन विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद वह जवाब फाइलों में कैद होकर रह जाते थे।
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