भोपाल- मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों से जुड़े बड़े निर्णय लेते हुए मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाने और जमीन अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना तक मुआवजा देने का ऐलान किया है।
मरीजों के परिजनों के लिए बनेंगे शेल्टर होम
कैबिनेट ने मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन शेल्टर होम में परिजनों को सस्ती दरों पर ठहरने और भोजन की सुविधा मिलेगी। सरकार की योजना है कि यह व्यवस्था निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में भी लागू की जाए। सामाजिक संस्थाओं की मदद से इन शेल्टर होम का निर्माण होगा, जबकि सरकार केवल जमीन उपलब्ध कराएगी।
किसानों को जमीन अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा
सरकार ने ‘फैक्टर-2’ लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण होने पर किसानों को चार गुना तक मुआवजा मिलेगा। यह फैसला किसानों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ सेक्टर में बड़ा निवेश
कैबिनेट ने अगले 5 वर्षों में मेडिकल सुविधाओं के विस्तार के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। इसमें कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही राज्य में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 33,000 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
सिंचाई और पुनर्वास योजनाओं को मंजूरी
उज्जैन क्षेत्र की 157 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे 35 गांवों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा छिंदवाड़ा जिले के पुनर्वास पैकेज के तहत 128 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि भी स्वीकृत की गई है।
शिक्षा और छात्रों के लिए योजनाएं
राज्य सरकार अगले 5 वर्षों में कक्षा 6वीं और 9वीं के छात्रों को साइकिल वितरण पर 990 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसके अलावा शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए 1,200 करोड़ रुपए खर्च करने का फैसला लिया गया है।
सीएम केयर योजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने ‘सीएम केयर योजना 2026’ की निरंतरता को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर अगले 5 साल में 3,628 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।