मध्य प्रदेश में पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री को लेकर परिवहन विभाग ने नए सख्त नियम लागू किए हैं। अब बिना अनुमति के कोई भी डीलर पुरानी गाड़ियों का लेन-देन नहीं कर सकेगा। यह नियम केंद्र सरकार की 2022 की अधिसूचना पर आधारित है और अब राज्य में इसे पूरी तरह लागू किया जा रहा है।
परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना प्राधिकार पत्र के वाहन खरीदना या बेचना अवैध माना जाएगा। विभाग का कहना है कि कई जगह निजी व्यवसायी बिना अनुमति के सेकेंड हैंड वाहन बेच रहे थे, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
नए नियमों के अनुसार, केवल ऑथराइज्ड डीलर ही पुराने वाहन खरीद-बेच सकेंगे। इन डीलरों को परिवहन विभाग से प्राधिकरण लेना अनिवार्य होगा। यदि कोई वाहन मालिक अपनी गाड़ी बेचना चाहता है, तो उसे केवल इन अधिकृत डीलरों के माध्यम से ही बेचने की अनुमति होगी। प्राधिकार पत्र लेने के लिए डीलरों को 25 हजार रुपये की फीस देनी होगी। हालांकि, वाहन मालिक को डीलर के जरिए गाड़ी बेचने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
सबसे अहम बात यह है कि 1 जनवरी 2026 से बिना पंजीकरण या ऑथराइजेशन के वाहन खरीदने-बेचने वाले डीलरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य धोखाधड़ी रोकना, सेकेंड हैंड वाहन बाजार में पारदर्शिता लाना और इसे व्यवस्थित बनाना है।
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