रायपुर जिले के गोबरा-नवापारा स्थित पीएम श्री शासकीय हरिहर आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में शुक्रवार को छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। बड़ी संख्या में छात्राएं स्कूल गेट के सामने धरने पर बैठ गईं और प्राचार्य फाकरा खानम दानी के खिलाफ नारेबाजी की। छात्राओं और उनके परिजनों ने प्राचार्य पर मानसिक प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार, अनुचित वसूली और डराने-धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
छात्राओं ने लगाए मानसिक प्रताड़ना के आरोप
छात्राओं का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें कक्षा से निकालने, प्रायोगिक परीक्षा में अंक नहीं देने और फेल करने की धमकी दी जाती है। छात्राओं के मुताबिक, लगातार मानसिक दबाव बनाए जाने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्राचार्य पर चरित्र को लेकर अनुचित टिप्पणी करने और पालकों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।
अतिरिक्त 500 रुपये लेने का आरोप
छात्राओं ने आरोप लगाया कि नियमित 500 रुपये शुल्क के अलावा विद्यालय की व्यवस्थाओं के नाम पर 500 रुपये अतिरिक्त लिए जाते हैं। छात्राओं का दावा है कि इस अतिरिक्त राशि की कोई रसीद नहीं दी जाती। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
स्कूल परिसर में मटन बनाने का भी आरोप
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने विद्यालय परिसर में मटन बनाए और खाए जाने का भी आरोप लगाया। साथ ही चपरासी से बर्तन धुलवाने की बात कही। हालांकि, प्राचार्य फाकरा खानम दानी ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्कूल में मटन नहीं खाया और न ही चपरासी से बर्तन धुलवाए हैं।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला
हंगामे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जितेंद्र दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने छात्राओं को समझाइश दी, जिसके बाद उन्हें शांत कराकर विद्यालय के अंदर भेजा गया। इसके बाद स्कूल परिसर में स्थिति सामान्य हुई।
प्राचार्य ने अनुशासनहीनता का दिया हवाला
प्राचार्य फाकरा खानम दानी ने कहा कि विद्यालय में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि कुछ छात्राओं को अनुशासनहीनता के चलते पांच दिनों के लिए निलंबित किया गया था, लेकिन अब उनका निलंबन वापस ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को पालकों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें पूरे मामले पर चर्चा की जाएगी।
ABVP ने निष्पक्ष जांच की मांग का किया समर्थन
मौके पर पहुंचे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने छात्राओं से चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली। कार्यकर्ताओं ने छात्राओं की निष्पक्ष जांच की मांग का समर्थन किया और उन्हें आश्वासन दिया कि वे आगे भी छात्रों के साथ खड़े रहेंगे।
शिक्षा विभाग की जांच पर टिकी नजर
फिलहाल पूरे मामले में छात्राओं और प्राचार्य की ओर से लगाए गए आरोप-प्रत्यारोप के बीच शिक्षा विभाग की संभावित जांच और शनिवार को होने वाली पालकों की बैठक अहम मानी जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।