मुंबई - असम में आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी को प्रभावित किया है। कई गांव जलमग्न हो गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। ऐसे मुश्किल समय में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने राहत और पुनर्वास कार्यों में सहयोग देने का फैसला किया है। उनकी संस्था बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन पहले से ही प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और भोजन उपलब्ध करा रही है। अब खबर है कि अभिनेता बाढ़ से बेघर हुए परिवारों के लिए 500 अर्ध-स्थायी घरों के निर्माण में सहयोग करेंगे।
राहत से आगे बढ़कर पुनर्वास पर फोकस
रिपोर्ट्स के अनुसार, सलमान खान की टीम ने राहत कार्यों के साथ-साथ पुनर्वास योजना पर भी तेजी से काम शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में सैकड़ों अर्ध-स्थायी घर तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बताया जा रहा है कि यह योजना केवल तत्काल सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई है। इन घरों का निर्माण ऐसी सामग्री से किया जाएगा जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती है और भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अपेक्षाकृत सुरक्षित रहने में मदद कर सकती है।
रणदीप हुड्डा से ली जमीनी हालात की जानकारी
बताया जा रहा है कि सलमान खान ने अभिनेता रणदीप हुड्डा से संपर्क कर असम में चल रहे राहत कार्यों की जानकारी ली। रणदीप पिछले कई दिनों से प्रभावित क्षेत्रों में स्वयं मौजूद रहकर राहत अभियान में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने सलमान खान को मौजूदा जरूरतों, राहत शिविरों की स्थिति और पुनर्वास कार्यों की प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी। इसके बाद राहत अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर काम करने की योजना बनाई गई।
'ग्लोबल सिख्स' के साथ मिलकर बनेगा आवास
राहत कार्यों में सक्रिय सामाजिक संस्था ग्लोबल सिख्स भी इस अभियान का हिस्सा है। संस्था के अनुसार, बांस और टिन जैसी सामग्री से बनाए जाने वाले अर्ध-स्थायी घर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त होंगे। प्रत्येक घर की अनुमानित लागत लगभग 35 से 40 हजार रुपये बताई जा रही है। संस्था के पदाधिकारियों के मुताबिक, सलमान खान ने इस पहल में सहयोग का भरोसा दिया है, जिससे बड़ी संख्या में बेघर परिवारों को सुरक्षित आश्रय मिल सकेगा।
रणदीप हुड्डा लगातार कर रहे राहत कार्य
असम में अभिनेता रणदीप हुड्डा लगातार राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। उन्होंने शिवसागर रेलवे स्टेशन के पास राहत शिविरों में रह रहे लोगों को भोजन वितरित किया और स्थानीय गुरुद्वारा साहिब में जाकर पीड़ितों की कुशलता की प्रार्थना भी की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से सामाजिक संस्था ग्लोबल सिख्स के साथ जुड़े हुए हैं और आपदा के समय जरूरतमंदों की मदद करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने देशवासियों से भी आगे आकर बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता करने की अपील की।
हजारों परिवारों के लिए बनेगी नई उम्मीद
असम में आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ऐसे में राहत सामग्री के साथ सुरक्षित आवास की व्यवस्था सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। यदि प्रस्तावित 500 घरों का निर्माण पूरा होता है, तो यह सैकड़ों प्रभावित परिवारों के लिए नई शुरुआत का अवसर साबित हो सकता है। राहत एजेंसियां और स्वयंसेवी संगठन भी लगातार प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।