लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ बड़ा बाजार और जनशक्ति वाला राज्य नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश के युवा, कारीगर, शिल्पकार और उद्यमी अपनी प्रतिभा के दम पर वैश्विक बाजार में पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को ‘बीमार प्रदेश’ की छवि से निकालकर ‘उत्सव प्रदेश’ बनाना बड़ी चुनौती थी, लेकिन आज प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने यह बात प्रदेशवासियों को संबोधित अपने पत्र में कही। उन्होंने UP International Trade Show 2026 के चौथे संस्करण का जिक्र करते हुए कहा कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच है।
25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में ट्रेड शो
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के उत्पादों, कारीगरों, उत्पादकों और उद्यमियों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना है। UP International Trade Show की शुरुआत वर्ष 2023 में इसी उद्देश्य के साथ की गई थी। आयोजन के जरिए उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और कारोबारियों को देश-विदेश के खरीदारों और निवेशकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
MSME और ODOP से रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब उनकी सरकार ने प्रदेश की जिम्मेदारी संभाली थी, तब रोजगार सृजन प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल था। उनके मुताबिक, MSME सेक्टर और ODOP जैसी पहलों के जरिए चार करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने इसी दिशा में ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ODOC) जैसी नई पहल का भी उल्लेख किया। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उत्पादों और प्रतिभाओं को बाजार से जोड़ना है।
निर्माण क्षेत्र में बढ़ी प्रदेश की भागीदारी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को ‘बीमार प्रदेश’ की छवि से बाहर निकालकर ‘उत्सव प्रदेश’ बनाना एक बड़ी चुनौती थी। उनके अनुसार, आज प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्माण क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की भागीदारी दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि देश-विदेश के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश करने में रुचि दिखा रहे हैं और 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री के अनुसार, बड़े पैमाने पर निवेश आने से निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है और इसके साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं। इसका लाभ प्रदेश के लोगों और खासकर युवाओं को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की ताकत केवल उसके बड़े बाजार और जनसंख्या तक सीमित नहीं है। प्रदेश के युवा, कुशल कारीगर, शिल्पकार और उद्यमी भी राज्य की आर्थिक क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
युवा सिर्फ नौकरी लेने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से रोजगार पाने के साथ रोजगार देने वाला उद्यमी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ युवाओं के लिए अवसरों के नए रास्ते खोले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप नीति-2026 और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके जरिए युवाओं को नवाचार, कौशल विकास, उत्पाद तैयार करने और बाजार से जुड़ने के अवसर मिल रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट से जुड़ने का मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब अपने उत्पादों के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं की उद्यमशीलता को भी वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो खरीदारों, निवेशकों और वैश्विक बाजार के बीच संपर्क स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, नवोन्मेषकों और भावी उद्यमियों से ट्रेड शो में पहुंचने और इसका लाभ उठाने की अपील की।
छोटे प्रयास से बन सकता है बड़ा कारोबार
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से नए संपर्क बनाने, नए बाजारों को समझने और अपनी क्षमता के अनुसार कारोबारी अवसर तलाशने की अपील की। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, किसी युवा का जमीनी स्तर का छोटा विचार और प्रयास आगे चलकर बड़े उद्यम का आधार बन सकता है। इसके लिए स्थानीय संसाधनों और बाजार की जरूरतों को पहचानना महत्वपूर्ण है।
ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के प्रयासों से उत्तर प्रदेश की स्थानीय क्षमता वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि इसी सामर्थ्य के आधार पर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। UP International Trade Show 2026 को इसी व्यापक लक्ष्य से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों, उद्यमियों और युवाओं को वैश्विक बाजार से जोड़ने से उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति मिल सकती है।