जमशेदपुर: भारतीय जनतंत्र मोर्चा, युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार (Adipurush Controversy) को बारीडीह में फिल्म आदिपुरुष के निर्देशक ओम राउत व पटकथा लेखक मनोज मुंतशिर का पुतला फूंका। युवा मोर्चा के बारीडीह मंडल अध्यक्ष दीपू कुमार ओझा ने बताया कि सभी कार्यकर्ता मंगलवार को बिष्ठुपुर स्थित पीएम मॉल में फिल्म के प्रदर्शन को बंद कराएंगे। इसके साथ ही जमशेदपुर न्यायालय में दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराएंगे।
"भारतीय संस्कृति के साथ किया गया खिलवाड़"
उन्होंने कहा कि इस फिल्म में भारतीय संस्कृति (Adipurush Controversy) के साथ खिलवाड़ किया गया है। फिल्म के डायलॉग में निम्न स्तरीय भाषा का इस्तेमाल किया गया है। गौरतलब है कि ओमराउत की बहुप्रतीक्षित फिल्म आदिपुरुष 16 जून को रिलीज होने के साथ ही ट्रोलिंग का शिकार हो गई।
इन डायलॉग पर चल रहा विवाद
फिल्म के एक सीन में जब हनुमान जी सीता माता से मिलने के लिए लंका जाते हैं, तो रावणराज का एक राक्षण उन्हें देख बोलता है कि ''यह लंका क्या तेरी बुआ का बगीचा है, जो हवा खाने चला आया।''
फिल्म में लंका दहन वाले सीन में जब मेघनाथ हनुमान जी की पूंछ में आग लगाने के बाद उनसे पूछता है कि जली क्या, इसके जवाब में हनुमान जी कहते हैं, ''तेल तेरे बाप का..कपड़ा तेरे बाप का..और जलेगी भी तेरे बाप की।"
हनुमान जी जब लंका से लौटते हैं तो प्रभु राम उनसे वहां का हाल जानना चाहते हैं, तो जवाब में हनुमान जी कहते हैं कि ''उन्हें बोल दिया है कि जो हमारी बहनों को हाथ लगाएंगे, उनकी लंका लगा देंगे।''
सीता माता के पहनावे पर भी उठ रहे सवाल
इसी के साथ फिल्म में इस्तेमाल किए गए VFX से लेकर कलाकारों (Adipurush Controversy) के हावभाव व सीता माता के रूप में अभिनेत्री कृति सेनन के पहनावे पर भी सवाल उठाया गया है। लोगों का कहना है कि कृति सेनन ने मर्यादा के पार जाते हुए अपने किरदार को निभाया है। उन्हें साड़ी पहनाने का ढंग भी बेहद स्टाइलिश था, इसकी तुलना दर्शकों ने रामानंद सागर वाली रामायण में सीता माता के किरदार से की है।