कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ मामले का सफल इलाज कर मरीज की जान बचाई है। यह मामला मेडिकल साइंस के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें संक्रमण नाक से शुरू होकर शरीर के दूसरे हिस्से यानी हाथ तक फैल गया था।
नाक के संक्रमण से बना विशाल ट्यूमर, हाथ तक पहुंचा असर
मरीज के शरीर में नाक से शुरू हुआ संक्रमण धीरे-धीरे एक बड़े ट्यूमर में बदल गया और असामान्य रूप से हाथ तक फैल गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि ट्यूमर का आकार बेहद विशाल हो चुका था और हाथ की संरचना प्रभावित हो गई थी।
अंगूठा ट्यूमर में पूरी तरह फंसा, हालत गंभीर बनी
मामले की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि मरीज का अंगूठा पूरी तरह ट्यूमर के भीतर धंस चुका था और बाहर से दिखाई देना लगभग बंद हो गया था। इससे हाथ की कार्यक्षमता पर भी गंभीर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।
डॉक्टरों की टीम ने की जटिल सर्जरी, ट्यूमर हटाया गया
एनआरएस अस्पताल के विशेषज्ञ सर्जनों की टीम ने बेहद सावधानीपूर्वक और जटिल सर्जरी कर ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया। यह प्रक्रिया तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि संक्रमण और ट्यूमर आसपास के ऊतकों को भी प्रभावित कर चुका था।
अंगूठा बचा, हाथ की कार्यक्षमता भी सुरक्षित रखी गई
सबसे बड़ी सफलता यह रही कि डॉक्टरों ने केवल ट्यूमर ही नहीं हटाया, बल्कि मरीज के अंगूठे को भी सुरक्षित बचा लिया। इसके साथ ही हाथ की कार्यक्षमता को भी बनाए रखने में सफलता मिली, जो इस सर्जरी की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मेडिकल टीम की बड़ी उपलब्धि, जटिल केस में मिली सफलता
यह मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि संक्रमण का शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में इस तरह फैलना बेहद दुर्लभ होता है। डॉक्टरों की टीम की इस सफलता को मेडिकल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।